आइये और मुस्कुराये कोरिया की वादियो में नये साल में स्वागत को तैयार
बैकुंठपुर ।
नववर्ष को लेकर हर तरफ उमंग है पुराने साल के घण्टो की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है नया साल आने में महज कुछ ही घण्टे ही शेष बच हैं। जिले भर के लोग नये साल के स्वागत की तैयारी के लिए जुटे हैं सभी जगहों पर नये लुक में स्वागत की तैयारी की जा रही है। जिले के विभिन्न पिकनिक स्पॉट पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है। क्षेत्र स्थित नदीयो के टटो पर के साथ साथ अन्य स्पॉट भी क्षेत्र लोगों को बरबस खींचने लगें है। डीजे की धुन, बैंड बाजा की गूंज पर नए साल की उमंग में हर युवाओं एवं बच्चे को झुमते गाते देखा जाता है। इसके लिए लोग पहले से ही जगह तलाशने की तैयारी कर लेते हैं। पसंदीदा पिकनिक स्पॉट में सुबह से ही लोग दिन भर लोग आनंद उठाते हैं।
मनपसंद स्पॉट पर जायेगें लोग
लोग पिकनिक मनाने के लिए अपनी पसंदीदा स्थल का चयन कर रहे हैं विभिन्न संस्थाओं व उत्साही युवकों की टोली द्वारा नववर्ष के स्वागत की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। बीते साल को अलविदा कहने व नववर्ष का स्वागत के लिए कई जगहों पर पार्टी का आयोजन किया गया है क्लब व होटलों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। शहर के गेज और झुमका जलाशयो में स्थित पिकनिक स्पॉट पर नववर्ष के मौके पर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है इसके अलावे अमृतधारा, गौरघाट जल प्रपात के कुछ अन्य लोकल स्पॉटो में भी पहली जनवरी को लोगों की भीड़ होती है जबकि कुछ बच्चे व युवा स्थानीय नरसरियो में भी पिकनिक की तैयारी कर रहे हैं।
गौर घाट झरना
धीरे धीरे अमृतधारा झरना के बाद पर्यटको में अपनी पहचान बनाता गवर घाट झरना देखना अदभुत प्रतित होता है हासदेव नदी पर स्थित गवर घाट झरना बैकुन्ठपुर से 40 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। गौरघाट झरना देखने के बाद पर्यटक अगर यहां की गांवों की संस्कृतियों से रुबरु होना चाहते है तो वे तर्रा गांव घूमने जा सकते हैं। जोकि गवर घाट झरने से 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।
अकुरी नाला
अकुरी नाला को छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक एयरकंडीशनर कहा जाता है। यह बैकुंठपुर से 65 कि.मी. की दूरी पर बंसीपुर गांव में स्थित है। यहां पर पूरा दिन पानी की ठंड़ी फुहारें उड़ती रहती हैं। इन फुहारों में भीगना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। माना जाता है कि इन फुहारों में भीगने से पर्यटकों की थकान उतर जाती है। अकुरी नाले के आस-पास पर्यटक जंगलों और पहाड़ों के खूबसूरत दृश्य भी देख सकते हैं। गर्मियों में भी अकुरी नाला का वातावरण काफी सुहावना और ठंड़ा होता है।
गांगीरानी
कोरिया जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम रामगढ के समीप गांगीरानी में प्राचीन हनुमान जी की मूर्ति है। जहॉ आज भी प्रतिवर्ष शिवरात्रि के दिन मेला भरता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है। यहॉ प्रतिवर्ष आस पास सहित दूर दराज के श्रद्धालुगण शिवरात्रि के दिन यहॉ पूजा अर्चना करने के लिए पहुॅचते है। क्षेत्रीय स्तर पर यहॉ की प्रसिद्धी काफी है।

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