टूरिस्ट परमिट से स्लीपर बसों में ढोई जा रहीं सवारियां
बैकुंठपुर।
02- बस में यात्रियो को दिया गया टिकट


03- आनलाइन, बस की ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट

एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रहे हैं वहीं पर दूसरी ओर गत रविवार को बस के कंडक्टर अशोक यादव के द्वारा नागपुर से अंबिकापुर जा रही है छात्रा को सूरजपुर ले जाकर पहले तो उसे सीट से उठाया गया फिर उसे मां-बहन की गली देकर उसकी सरेआम बेइज्जत किया गया। बस में प्रतिदिन उत्तर प्रदेश से आने वाले इस कंडक्टर की करतूत बेहद शर्मनाक और निंदनीय कहीं जा सकती है जब भी संबंध में बस मालिक मून्ना सिंह से शिकायत की गई तो बस मालिक का कहना है कि हमारे कंडक्टर की कोई गलती नहीं है यानी मालिक भी ऐसे गुंडागर्दी करने वाले बदमिजाज कंडक्टर को संरक्षण और संवर्धन दे रहा है जिससे इस बस में कभी भी कोई अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के बनारस से चलने वाली सिंह बस, वाहन क्रमांक यूपी 50 सीटी 6183 से एमसीबी जिले के चिरमिरी व नागपुर, कोरिया जिले के चरचा, बैकुंठपुर व पटना, सूरजपुर जिले के सूरजपुर, विश्रामपुर, अम्बिकापुर बनारस चौक सहित अलग-अलग इलाकों से रिजर्व परमिट की आड़ में सवारियां ढोई जा रही हैं। टूरिस्ट परमिट से स्लीपर बसों में सवारी ढोई जा रही हैं। बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ और चिरमिरी में इस प्रकार के बस बेधड़क चल रहे हैं। इसमें सवारियों से अधिक किराया वसूलने के साथ ही खतरे में डाला जा रहा है। परिवहन विभाग के कार्रवाई शिथिल होने का फायदा इन वाहन मलिको के द्धारा उठाया जा रहा है।
सिंह बस का टूरिस्ट परमिट 2029 तक वैध
सिंह बस प्रतिदिन 03 बजे चिरमिरी के बड़ी बाजार से निकलकर 04.30 बजे के आसपास बैकुंठपुर पहुंचता है वहीं पर इस बस का परिचालन प्रतिदिन तय समय के अनुसार किया जाता है । बस का जाने व आने का समय तय है जबकि बनारस से चिरमिरी चलने वाली बस यूपी 50 सीटी 6183 के लिए वाहन मालिक के द्वारा भारत सरकार से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लिया गया है। जिसकी वैधता 23 अक्टूबर 2029 तक बेवसाइट पर दिखा रही है।
बस की शिकायत जल्द कम से मुख्यमंत्री से होगी
सिंह बस के कंडक्टर के द्वारा रविवार को जिस बच्ची के साथ गाली-गलौज की गई उसके अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बस के के खिलाफ कोई कार्रवाई जिला प्रशासन नहीं करती है तो वह बस की लिखित शिकायत लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी शिकायत करने जायेंगे।
खुलेआम वसूला जाता है सवारियो से पैसा
स्लीपर बसों के लिए किराया सवारियों से खुलेआम वसूला जाता है। बनारस जाने के लिए यात्रियो से सीट के 700 रुपये एवं स्लीपर के लिए 1200 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से वसूले जाते हैं। सबसे बडी बात तो यह है कि सभी स्टापेजो में इनके एजेंट के माध्यम से भी यात्रियो का बैठाया जाता है। एजेंट किराया ज्यादा वसूलता है। अपना कमीशन काटकर वह किराया बस संचालक के पास जमा कर देता है।
सामान लाकर कर रहे जीएसटी की चोरी
स्लीपर बस संचालक सवारियों के साथ माल ढुलाई का काम भी कर रहे है। इस कारण टूरिस्ट बसें जीएसटी की चोरी कराने में अहम भूमिका निभा रही हैं। बसों की छत व डिग्गी में भरकर जीएसटी की चोरी करके सामान ढोने का काम कर रही हैं। इस बस से सुबह 04 बजे अम्बिकापुर, 5.30 में सूरजपुर और 6.30 बजे बैकुंठपुर बडी मात्रा में व्यवसायिक सामान जिसमें अधिकतम मात्रा में रेडिमेट कपडो व साडियो के गठान को उतारा जाता है।
बस की एंट्री चेक कराई जाये
बनारस से चिरमिरी तक आने जाने के दौरान पहले तो धनवार बॉर्डर चेक पोस्ट में प्रतिदिन इस बस की कंप्यूटराइज्ड पर्ची व सूरजपुर के पचीरा टोल नाका और एमसीबी जिले के नागपुर टोल नाके पर इसकी एंट्री चेक कराई जा सकती है आखिर यह बस चल कैसे रही है।
तीन दिन तक बस सूरजपुर मे रही खडी
गाली गलौज के बाद तीन दिन बस एमसीबी नहीं आई बताया जा रहा है कि गत रविवार को छात्रा से गाली गलौज किया गया उसके बाद छात्रा के अभिभावकों द्वारा बस मालिक को फोन करके काफी खरी खोटी सुनाया। वहीं पर जहां बस मालिक ने एक ओर कंडक्टर की शिकायत करने पर छात्रा के परिजनों से दुर्व्यवहार भी किया। जिसके बाद थाने से फोन जाने पर डर से बस सूरजपुर बस स्टैंड में ही खड़ी रही ।
वर्जन…….
टूरिस्ट बसों को यात्री ढोने की अनुमति नहीं होती है ऐसी बसों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।
अनिल भगत, जिला परिवहन अधिकारी कोरिया एवं एमसीबी

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