सोनहत धान खरीदी केंद्र में हो रहा किसानो का शोषण, जिम्मेदारो बेसुध
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के धान खरीदी केन्द्र में धान बेचने आए किसान को स्वयं पल्लेदारी करनी पड़ रही है। लेकिन किसानों की कोई सुध लेने वाला नही है। कोई एक ओर छत्तीसगढ़ की साय सरकार जहां किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए खजाने का मूह खोल के साथ साथ धान बेचने आये किसानों को धान खरीदी केंद्रों में सभी सुविधाएं होने का दावा कर रही है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ किसानो का हालत बयां कर रही है। यहां धान बेचने आये किसानों को कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है किसानों को धान बेचने के लिए कड़ी मश्क्कत करनी पड़ रही है। तौलाई से लेकर पल्लेदारी करने के लिए किसानो को धान खरीदी प्रभारी के द्धारा मजबूर किया जा रहा है। यदि किसान पल्लेदारी नहीं करते हैं, तो उनको कई दिनों तक धान खरीदी केंद्र में रहना पड़ जाता। जिससे मजबूर होकर स्वयं किसान पल्लेदारी करता है, जबकि धान खरीदी केंद्र से कुछ दूरी पर ही सोनहत के सभी सरकारी दफ्तर और उनके जिम्मेदार मौजूद रहते हैं।
खरीद केन्द्र पर धान बेचने आये सोनहत के किसान सुखनंदन राजवाडे बताते हैं कि हमें धान बेचने के साथ साथ पल्लेदारी भी करना पड़ता है धान बेचने के बाद ऊपर तक बोरियों को जमाना पड़ता हैं। यदि ये सब नहीं करते, तो हमारे धान की खरीदी नहीं हो पाती है। जबकि ग्राम ओरगई के किसान चन्द्रीका प्रसाद राजवाडे कहते हैं कि हमें ही अगर धान की बोरियों को तौलाकर स्टॉक तक ले जाना पड़ता है बोरियों को स्टॉक में जब जमाकर रख नहीं देते, तब तक एंट्री नहीं की जाती है, धान ऐसे ही पड़े रह जाते हैं।
खरीदी प्रभारी के बोल…..
जबकि इस सबंध में सोनहत धान खरीदी प्रभारी पीलेश्वर पैकरा का कहना है कि खरीदी केन्द्र में सभी व्यवस्था है किसान अपनी स्वेच्छा के काम करते हैं ताकि वो जल्दी अपने घर जा सकें।


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