कोरिया में सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद चार लोगों की आंखों की गई रोशनी……जाच दल ने माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे सेंपल, लापरवाही करने वालो की बढी धडकने

Estimated read time 1 min read

अस्पताल द्धारा 24 दिसंबर व 15 जनवरी को किया गया था मोतियाबिंद ऑपरेशन

बैकुंठपुर।

कोरिया जिले के एक सरकारी अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसमें मोतियाबिंद का इलाज करवाने वाले 04 मरीजों की आंखो की रोशनी चली गई है। मिली जानकारी के अनुसार ऑपरेशन असफल होने के बाद कोरिया जिले से अलग अलग तिथियो में चार मरीजों को इलाज के लिए रायपुर रिफर किया गया । जिसके बाद सारा मामला प्रकाश में आया। बताया जा रहा है कि रायपुर की अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने कोरिया जिले में हुए ऑपरेशन में जांच करवाने का निर्णय लिया ।

इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन ने जिले के कलेक्टर को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। मामले में जिस प्रकार प्रदेश सरकार गंभीर नजर आ रही है उसे देखते हुए कई जिम्मेदारो लोगों पर कार्रवाई के डर से उनकी सांस अभी से फूलने लगी है। जानकारों का कहना है कि लापरवाही पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। हालांकि अभी न तो स्वास्थ्य विभाग और ना ही जिला प्रशासन कुछ भी कहने को तैयार है ।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटना में 24 दिसंबर 2023 बीएमओ डॉ. बलवंत सिंह के नेतृत्व में 10 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था जिसमें से तीन ऑपरेशन असफल होने के कारण रायपुर रिफर किया गया था एवं वहीं पर फिर से 15 जनवरी 2025 को इसी अस्पताल में तीन लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। जिसमें से भी दो लोगों की शिकायत के उपरांत इन्हें रायपुर रिफर किया गया।

दो दिन पूर्व पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही राज्य सरकार ने मामले लापरवाही की जांच करने कोरिया कलेक्टर के निर्देश दिया। शासन के निर्देश पर कोरिया कलेक्टर ने पाच सदस्यी टीम गठित कर मामले की गहन जाच करने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना भेजा। सीएचसी पटना में दोपहर बाद डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी, नायब तहसीलदार एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ की टीम अस्पताल पहुंची । जबकि जाच के दौरान जिले के पूर्व सीएचएमओ और नेत्र रोग विशेषज्ञ व नोडल अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर ने बाद में जाच टीम को ज्वाइन किया।

मामले में जाच दल ने सबसे पहले सीएचसी पटना पहुॅचकर आपरेशन थियेटर से सारे सैंपल कलेक्ट किया। इसके बाद पटना के नानभान की महिला रजमनिया 55 वर्ष और बरदिया की रहने वाली 60 वर्षीय महिला देव मुनिया को एबुलेंस से लाकर उनका बयान एवं नेत्र परिक्षण नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्धारा जाच टीम के समक्ष किया गया। वहीं पर अस्पताल में अन्य संबंधित लोगों का बयान दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऑपरेशन थियेटर से सारे सेंपल कलेक्ट करके तत्काल मेडिकल कॉलेज में परीक्षण के लिए भेजा गया। परिक्षण रिर्पोट में आपरेशन में हुई लापरवाही उजागर होने की पूरी संभावना है। यहां जो दवाईयां मरीजों की आंखो में डाली गई उसकी जांच करवा रहे हैं। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन की तरफ से हुई लापरवाही की जांच, अस्पताल के ओटी में आंखों के ऑपरेशन पर पाबंदी लगा दी है। जांच के बाद कारण स्पष्ट होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है हमारी टीम द्वारा सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में जाकर सभी बिंदुओं की जांच के आधार पर सारे सामानों की सैंपलिंग कर उन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। सीएमएचओ ने कहा कि जाच दल ने दवाईयों समेत सारे वजहो की जांच की है। उन्होने बताया कि नेत्र परिक्षण में दो महिलाओ के नेत्र को ठिक-ठाक पाया गया है। जबकि 20 जनवरी को रायपुर में 02 लोगो का पुनः आपरेशन हुआ है जहा अस्पताल से उनकी वास्तविक स्थित की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours