जिम्मेदारो ने बांधीे आंखो पर पटटी…..कानून को धता बता सरपट दौड रही टूरिस्ट बसें
सरगुजा संभाग के अधिकारियो पर उठे सवाल…टूरिस्ट परमिट पर प्रतिदिन उत्तरप्रदेश जाने वाली बसो पर कार्यवाई नही
बैकुंठपुर।
प्रतिदिन शाम होते ही सरगुजा संभाग के बैकुंठपुर से गुजरती अंर्तराज्जीय बसो का रेला नजर आने लगता है। बीते दिनो में लगातार हमारे द्धारा टूरिस्ट परमिट लेकर प्रतिदिन उत्तरप्रदेश के वाराणसी जाने वाले खबरो का प्रकाशन करने के बाद एक सप्ताह तक ये बसे बैकुंठपुर बस स्टेंड आना बंद कर दी थी। किन्तु एक बार फिर इन बस आपरेटरो के द्धारा जिम्मेदारो से सांठ गांठ कर बसो का संचालन बेरोकटोक दोबारा शुरु कर दिया गया है। हालांकि यह बसे उत्तरप्रदेश प्रतिदिन जा रही थी। बस अंतर इतना नजर आया था कि बस स्टेंड में इनका आवागमन बंद हो गया था

मध्यप्रदेश की सीमा से चलने वाली छत्तीसगढ के पॉच जिलों से होती हुई गंतव्य को चली जाती है। इन बस मालिकों ने अपने-अपने जिले में परिवहन विभाग के आशीर्वाद से टूरिस्ट परमिट लिया हुआ होता है, रास्ते में पढने वाले सभी जिले के परिवहन अधिकारी और यातायात पुलिस के मुखिया के अलावा अंर्तराज्जीय परिवहन चौकी से सांठ-गांठ कर खुलेआम यात्रियो को टूरिस्ट के नाम पर ढोया जा रहा है, इन सबके पीछे बस मालिकों का मकसद महज शासन की कर चोरी करना है।
अधिनियम का उल्लंघन, हादसों को न्यौता
मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 88 (9) के तहत पर्यटन परमिट प्राप्त कर 88 (8) के तहत कांट्रेक्ट कैरिज का रिजर्व परमिट प्राप्त कर लगभग बसें नियमित रूप से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश में सवारियां ढो रही है, सरगुजा संभाग के परिवहन अधिकारियों के साथ इन जिलों के यातायात पुलिस के मुखिया सभी खुलकर अधिनियम का उल्लंघन और लाखों की कर चोरी कर रहे मोटर मालिकों के सहभागी बन रहे हैं। पूर्व में ऐसी बसें हादसों का शिकार भी हुई है, यदि आने वाले दिनों में कोई हादसा होता है तो, उसका खामियाजा यात्रियों का भुगतना पड़ेगा और अधिकारी फिर एक बार पल्ला झाड़ लेंगे।
इनका कहना है
बसों के अवैध संचालन के मामले में जांच के आदेश दिए जायेंगे, यदि अवैध संचालन है तो, अवश्य कार्यवाही होगी।
रवि कुमार कुर्रे, पुलिस अधीक्षक, कोरिया

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