कोरिया में 08 तक मानसून की होगी दस्तक….बढी प्री मानसून गतिविधि
बैकुंठपुर।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून 24 मई को केरल पहुंचने के बाद से कोरिया जिले में प्री मानसून गतिविधि तेज हो गई है। शनिवार को शाम में तेज हवाओ संग बारिश के बाद रविवार को सुबह से बादल छाये रहे वही पर देर शाम मौसम साफ होता नजर आया। जिससे नवतपा में तापमान सामान्य से काफी कम होने से आम लोगो को बडी राहत मिली। वही पर इस तरह के मौसम में उमस और चिपचिपी गर्मी ने थोडा परेशान भी किया।

वही पर बताया जा रहा है कि 2009 के बाद से अब तक का सबसे जल्दी आगमन है। आमतौर पर यह मानसून एक जून तक केरल में दस्तक देता है दूसरी ओर प्रदेश समेत जिले में प्री-मानसून की दस्तक से राहत की खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक क्षेत्र में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। यह बारिश किसानों और आम लोगों के लिए फायदेमंद होगी। दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है।

08 जून के आसपास जिले में मानसून की दस्तक
देश में शनिवार को मानसून पहुंच गया है छत्तीसगढ़ में इसके 5 जून से पहले पहुंचने की संभावना मौसम विभाग की ओर से व्यक्त की गई है। जबकि कोरिया जिले में 08 से 09 तक मानसून आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने जिलें के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में मानसून 15 से 20 जून के मध्य पहुॅचता है। इस साल मानसून के जल्दी आगमन से किसानों और मौसम पर निर्भर लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम बना रहेगा मेहरबान
मौसम में आए बदलाव से भीषण गर्मी से राहत है। मौसम में बदलाव और बारिश से ऐसा अहसास हो रहा है जैसे प्री-मानसून ने दस्तक दे दी हो। मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कोरिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो सकती है। हवा की रफ्तार 40-60 किलोमीटर की संभावना है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार बारिश और मौसम में बदलाव से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है।

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, एक निम्न दाब का क्षेत्र पूर्व-मध्य अरब सागर में उत्तर कर्नाटक और गोवा तट से दूर स्थित है, जो अगले 24 घंटों के भीतर और अधिक प्रबल होकर अवदाब के रूप में विकसित हो सकता है। इसी क्षेत्र से एक द्रोणिका दक्षिण छत्तीसगढ़ तक 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है।

ये वेदर सिस्टम ऐक्टिव
इसके अलावा एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ मध्य पाकिस्तान से होते हुए हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश तक लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से निचले स्तर पर प्रचुर मात्रा में नमी का आगमन हो रहा है, जिससे बारिश हो रही है।
45 से 35 डिग्री पर पहुंचा तापमान
बता दें कि अप्रैल महीने में बैकुंठपुर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया था। इस दौरान लू चलने का अलर्ट भी जारी किया गया था। अब मौसम में आए बदलाव और बारिश से अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया है। 09 डिग्री तक तापमान गिरा है।

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