कैंसर से जूझ रहे पति के इलाज के लिए पत्नी ने लगाई लोगो से मदद की गुहार
पापा पडे बीमार तो बच्चो ने लम्हाला घर
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर में पति के जीवन को बचाने के लिए पत्नी ने लोगो से मदद की गुहार लगाई है। गुमटी का कारोबार करके परिवार का पालन करने वाले मुखिया को ऐसी बीमारी हुई कि परिवार सड़क पर आ गया। ये दुखद कहानी बैकुंठपुर बस स्टैंड के पीछे में रह रहे अनिल तिवारी की है। अनिल को कैंसर की बीमारी है। घर में खाने के लाले हैं जो कुछ बचा कर रख था वो पिछले तीन महिनो से ईलाज में खत्म हो गया।
इस दौरान आयुषमान कार्ड से अनिल को चार बार किमो थैरपी में कार्ड से ईलाज का पैकेज समाप्त हो गया। माउथ कैंसर से जूझ रहे अनिल को अभी रायपुर के बालाजी हास्पीटल के डाक्टरो ने ईलाज के लिए पॉच लाख और खर्च बताया है। अनिल के पास अब इलाज के लिए पैसा नहीं है कोई मदद को भी तैयार नहीं । इलाज के लिए पाच लाख रुपए जुटाने के लिए उसकी पत्नी रीना तिवारी सहित उनकी तीन बेटियों ने मदद मांग रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अनिल तिवारी के मॅूह में कैंसर है । वह जो कमाते थे, उससे घर में खाना पकता था अब अजीविका कमाने वाला कोई नहीं। अनिल की तीन बेटियां और पत्नी ने अब जैसे तैसे घर चला रहे हैं जिसमें सबसे बड़ी 17 वर्ष की रितिका है उससे छोटी श्रुति और आराध्या हैं। अनिल का इलाज रायपुर के बालाजी हास्पीटल में चल रहा है।

शुरु डॉक्टरों ने उसे पाच़ लाख रुपये खर्चा बताया था अनिल को इसी साल फरवरी में कैंसर का पता चला उसके मूॅह पर गांठ उभरी जिसमें दर्द भी था। जब दर्द ज्यादा बढ़ा तो उसने राची में दिखाया। जांच के बाद मालूम हुआ कि गांठ कैंसर की है उसके बाद उसे रायपुर बालाजी में भर्ती किया गया। इस दौरान गांठ का दायरा इतना बढ़ गया कि उसका आपरेशन नही हो सका जिसके बाद किमो थैरपी का इलाज चल रहा था।
अस्पताल के डॉक्टरों ने अनिल का ऑपरेशन करने का परामर्श दिया ऑपरेशन में लाखो रुपए का खर्च बताया है डॉक्टरों ने यह भी कह दिया था कि ऑपरेशन में ज्यादा देरी जीवन के लिए ठीक नहीं। 20 दिन बीत गए हैं जब कही से भी पैसों का इंतजाम नहीं हुआ तो अनिल की पत्नी रीना तिवारी ने लोगो से मदद की गुहार लगाई।

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