केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे पहुंचे ऊर्जाधानी कोरिया, चरचा कोयला खदान का किया निरीक्षण





बैकुंठपुर।
भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे आज कोरिया जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने एशिया की सबसे अच्छी कोयले की प्रजाति के कोयले माने जाने वाली चरचा कोयला खदान का निरीक्षण किया और एसईसीएल के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा श्रमवीरों को संबोधित किया।

राज्यमंत्री दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि यह वही खदान है, जिसने देश को अंधेरे से उजाले की ओर अग्रसर किया। उन्होंने कहा, पहले बिजली देखने को लोग तरसते थे, आज काम करने वाली सरकार ने 22-23 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की है। यह कोयला खदानें ऊर्जा के साथ-साथ विकास की किरण भी लेकर आई हैं।


उन्होंने बताया कि एसईसीएल द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत गरीब बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष कार्य किया जा रहा है। एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जितने पेड़ हमने काटे हैं, उससे अधिक पौधे लगाए जाएं।

राज्य मंत्री दुबे ने कहा कि कोल खदानों के साथ-साथ अब दुर्लभ खनिजों की खोज में भी सफलता मिलने पर भारत वैश्विक स्तर पर और मजबूती से उभरेगा। उन्होंने अधिकारियों और संविदा कर्मचारियों की संयुक्त भूमिका की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया अनुकूल वातावरण इस दिशा में सहयोगी सिद्ध हो रहा है।
इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने चरचा में आधुनिक मुख्य पंखा घर और महिलाओं के लिए लेडीज बायो टॉयलेट का लोकार्पण किया। ये सुविधाएं खदान में वायु संचार और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगी। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से चिरमिरी स्थित एंसीपीएच खदान में भी विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया।

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