एसीबी बोली…… विवेचक एएसआई के द्धारा सेटलमेंट के नाम पर रिश्वत का पैसा उसके सहायोगी के हाथो से हुआ बरामद…..दोनो से कडी पूछताक्ष
मामला कोरिया जिले के पटना थाने का……..रिश्वतखोरी पर एसीबी की कार्यवाई से पुलिस समेत अन्य विभागो में हडकंप
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के पुलिस विभाग में एक बड़ी रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को पटना पुलिस विभाग में कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। शुक्रवार को कोरिया जिले के पटना में एसीबी की टीम ने पटना थाना में तैनात आईएसआई और पीएलवी को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी को रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा ।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। इससे पूर्व गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दोनों को पटना से बैकुंठपुर पीडब्लूडी रेस्ट हाउस लाई। दोनों आरोपियों का जिला अस्पताल में एमएलसी कराया गया। फिलहाल एसीबी की टीम मामले की जांच कर रही है।

मोटर व्हीकल एक्ट के मामले में लिया पैसा
एएसआई और पीएलवी ने मोटर व्हीकल एक्ट के मामले में वाहन स्वामी से 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। वाहन स्वामी ने इसकी शिकायत एसीबी सरगुजा से की। एसीबी की टीम दोनों को लेकर बैकुंठपुर रेस्ट हाउस पहुंची है।
जानकारी के मुताबिक, पटना थाने में पदस्थ एएसआई पोलीकार्प टोप्पो एवं पीएलवी (न्यायालय द्वारा नियुक्त विधिक सलाहकार) राजू ने मोटर व्हीकल एक्ट के मामले में सोरगा निवासी वाहन स्वामी से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में उनके बीच सौदा 12 हजार रुपए में तय हुआ। लंबे समय से मामले को लेकर परेशान वाहन स्वामी ने इसकी शिकायत सरगुजा एसीबी से की थी।

थाने में एसीबी की टीम का छापा
रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर सरगुजा । एसीबी की टीम शुक्रवार को पटना पहुंची। टीम ने केमिकल लगे 12 हजार रुपये के नोट देकर प्रार्थी को थाने में भेजा। प्रार्थी ने रिश्वत देने के बाद इशारा किया तो एसीबी के टीआई शरद सिंह की टीम ने थाने में पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद की गई है। एसीबी की टीम ने दोनों को हिरासत में लिया एवं आगे की कार्रवाई के लिए बैकुंठपुर रेस्ट हाउस लेकर पहुंची है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एसीबी के टीआई ने बताया कि कार्रवाई के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी।
विवेचक ने सहयोगी के माध्यम से लिया पैसा
पूरे मामले में एसबी ने बयान देते हुए एसीबी ने बताया कि मोहम्मद शाह खान की छोटी बेटी रजिया खान का अप्रैल 2024 में ग्राम खोड में अविनाश उर्फ पिंटू के द्वारा एक्सीडेंट कर दिया गया था । इसके उपरांत मामले में समझौता करते हुए पिंटू के द्वारा अस्पताल का पूरा खर्च उठाने की बात कही गई थी इसके एवज में पिंटू के द्वारा 25 हजार अस्पताल में जमा भी कराया गया । किंतु बाद में पैसे को लेकर देने से वहां आनाकानी करने लगा । इसके उपरांत सितंबर 2025 में रजिया के पिता शाह खान के द्वारा पटना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई । इसके उपरांत मामले में विवेचक एएसआई द्वारा प्रार्थी से कहा गया कि यदि तुम 10 हजार दे दो तो मैं पूरे मामले को रफा दफा करा दूंगा एवं कोर्ट के माध्यम से मुआवजा भी दिलवा दूंगा। इसके बाद मामले में प्रार्थी के द्वारा इसकी सूचना एसीबी ऑफिस सरगुजा को दी गई । इसके उपरांत एसीबी के निगरानी में पैसा विवेचक के सहायक राजू देवांगन को पटना के पुराने थाने के पास पैसा सौपा गया जिसके बाद किसी भी ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।


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