कोरिया के तिहरे हत्याकांड में सीबीआई की एंट्री…….टीम पहुंची घटना स्थल नौगई, किया और गवाहो साक्ष्यो का प्रारम्भिक परिक्षण
सीबीआई की टीम सोनहत थाना पहुंचकर अब तक किए गए जॉच का किया अवलोकन व निरीक्षण
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के चर्चित नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच अब निर्णायक आ रही है। राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद मामले की जांच अपने सोमवार की सुबह कोरिया जिले पहुंची। सीबीआई की टीम पहले चरचा के पंचवटी रेस्ट हाउस में ठहरी उसके बाद पहले घटना सथल नौगई उसके बाद सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद सीबीआई टीम सोनहत थाना पहुॅची।
गौरतलब हो कि कोरिया जिले में 3 लोगों की हत्या केस की जांच करने के लिए सीबीआई की 6 सदस्यीय टीम कोरिया पहुंची है। रेत तस्करी के विवाद पर जिंदा जला देने की घटना सामने आई। मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को कोरिया पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
मिली जानकारी की माने तो सीबीआई के अधिकारी घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया। इस दौरान टीम घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझने, साक्ष्यों का किया। जिसके सानहत थाना पहुॅच कर अब तक पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों, केस डायरी और गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन व परिक्षण किया ।

क्या था पूरा मामला
विदित हो कि गत 16 जून 2026 को सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठती रही। घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून 2026 को इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। दरअसल, 16 जून की रात नौगईं गांव में आरोपियों ने रेत तस्करी विवाद में फॉर्च्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने भाजपा नेता के भाई विरेंद्र सिंह का गला फरसे से काट दिया था। बाकी 2 घायलों का इलाज अभी जारी है। मामले में मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 4 आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर कर दिया था। वहीं, 7 आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग इलाके से गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है।

अब तक 12 की गिरफ्तारी
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता और व्यापक जनचर्चा को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया, ताकि हर पहलू की निष्पक्ष, गहन व सूक्ष्म जांच हो सके।
सीबीआई की 06 सदस्यीय टीम पहुंची
सूत्रों के अनुसार सीबीआई टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी लेगी। आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी दोबारा समीक्षा की जाने की बात सामने आई। सीबीआई घटना से जुड़े प्रत्येक तथ्य की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचना है।
लोगो की निगाहे अब सीबीआई पर
सीबीआई टीम के जिले में पहुंचने से नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या इस बहुचर्चित मामले में कोई नई कार्रवाई होती है। पूरे जिले में इस जांच को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है, जबकि पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिक निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

रेत से अवैध उगाही बनी हत्याकांड की वजह
रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद लम्बे अरसे से चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 महीने पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से प्रति गाडी 1200 रु की वसूली करने लगा। पूरे मामले में भाजपा के बडे नेता के अलावा खनिज विभाग और पुलिस का भी सहयोग इसे मिलता रहा । जिस कारण इनके हौसले इतने बड गए कि मामला यहा तक पहुॅच गया। मिली जानकारी के अनुसार त्रिपाठी परिवार के पास टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
रंगदारी, वसूली और हूटर के शौखिन, पुलिस भी जिम्मेदार
भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह वर्तमान बैकुंठपुर विधायक करीबी और दबंग नेता थे। आरोपी मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। घटना दिवस से कुद दिन पूर्व ही भरत सिंह की फार्च्यूनर गाड़ी में हूटर लगाए जाने की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दबाव में कार्रवाई कर हूटर हटवा दिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। यही कारण था कि त्रिपाठी परिवार के निशांत त्रिपाठी के साथ सिंह परिवार के मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और अन्य ने नौगईं के शिवघाट के पास मारपीट कर दी। मामले में एफआईआर सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। यदि समय पर पुलिस मामले में एक्शन लेती तो शायद कोरिया जिले को बदनाम कर देने वाली इस हत्याकांड से बचा जा सकता था।





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