कोरिया में 12 हाथियों के दल की दस्तक से विभाग के हुए कान खडे
हाथियों का दल सोमवार की सुबह कोरिया वनमंडल के देवगढ़ वन परिक्षेत्र के तार्रबसेरा क्षेत्र में पहुंचा हैं। जहां से इन हाथियों का दल को नगर, बिशुनपुर होते हुए सलका-सलबा के कांदाबाडी जाने की संभावना जताई जा रही है।
बैकुंठपुर।
कोरिया वनमंडल क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार करीब 12 हाथियों का दल उत्तर तर्रा क्षेत्र से होते हुए दामुज इलाके में पहुंचा है, जहां फिलहाल हाथियों के दल के विश्राम करने की जानकारी सामने आई है। हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि दामुज क्षेत्र में कुछ समय रुकने के बाद हाथियों का दल केतकी झरिया, नगर और दुर्गापुर क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद एम दो दिन में हाथियों के सलबा-कांदाबारी क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हाथियों के संभावित मार्ग को देखते हुए आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
हाथियों के दल की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग और विद्युत विभाग की टीमें सक्रिय हैं। विभागीय अमला हाथियों की गतिविधियों और उनके संभावित मार्ग पर नजर रख रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने, उन्हें छेड़ने या उनका पीछा करने से बचने तथा रात और सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
विभाग का अनुमान है कि जाने की संभावना बकिरा सरईगहना, पिपरहिया होते हुए सूरजपुर वनमंडल जाने की संभावना है। जिसको ध्यान में रखकर विभाग द्धारा आसपास के ग्रामों में हाथी विचरण की सूचना का मुनादी करा दिया गया है एवं ग्रामीणों को जंगल में न जाने हेतु समझाइए दिया जा रहा है। वही पर हाथियो के दल द्धारा अभी तक किसी भी प्रकार की मकान हानि की सूचना नही है। जबकि फसल हानि का आंकलन विभाग के कर्मीयो द्धारा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 12 हाथियों का यह दल पिछले कई दिनों से बिहारपुर वन परिक्षेत्र के जंगलों और चंदन वन क्षेत्र में विचरण कर रहा था। इसके बाद हाथियों ने अपना रास्ता बदलते हुए अमृतधारा जलप्रपात के आसपास के आबादी वाले क्षेत्र की ओर रुख किया और बस्ती में दाखिल हो गए। हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बस्ती खाली कराना पडा था।
घरों और फसलों को पहुंचाया नुकसान
एमसीबी जिले में पहुंचने के बाद हाथियों के दल ने कुछ किसानों के घरों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा खेतों में लगी फसलों और बाड़ियों को भी हाथियों ने रौंद दिया, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान हुआ है। हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, ग्रामीणों को अलर्ट
एमसीबी जिले में हाथियो के दल के व्यवहार को मददेनजर रखते हुए कोरिया वनमंडन ने हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग का अमला लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। वनकर्मी हाथियों के मूवमेंट को ट्रैक कर रहे हैं और आसपास के गांवों में भी लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों के करीब न जाने की सलाह दी गई है।


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