Baikunthpur @ Tahkikat News
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक व मंत्री भैयालाल राजवाडे ने बिजली दरों में बढ़ोतरी कर नियामक आयोग द्वारा नई टैरिफ़ लागू करने को प्रदेश सरकार द्वारा जनता के साथ एक और विश्वासघात किया है। उनका कहना है कि कोरोना आपदा काल में प्रदेशवासियों को 8 पैसे की भी राहत नहीं देने वाली प्रदेश सरकार की कुनीतियों ने प्रदेश को आर्थिक संकट और अनाप-शनाप कर्ज़ों के दलदल में धकेल दिया है और प्रदेश सरकार की इस बदनीयती का दुष्परिणाम जनता को भोगना पड़ेगा। महंगाई का रोना रोने वाली और हर चौक-चौराहों पर महंगाई के नाम पर नौटंकीनुमा प्रदर्शन कर झूठ का रायता फैलाती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार ने अब जनता की जेब काटने का प्रावधान बिजली दर बढ़ाकर कर लिया है। बिजली बिल हाफ़ का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस की सरकार ने बिजली की औसत दरों में सीधे-सीधे 08 फ़ीसदी बढ़ोतरी कर दी है।
बिजली बिलों की नई दरें एक अगस्त से लागू कर दी गईं जबकि इसकी घोषणा एक दिन बाद सोमवार दो अगस्त को की जा रही है इस कोरोना काल में बिजली दरों में यह अनाप-शनाप बढ़ोतरी करके प्रदेश सरकार ने जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए घरेलू बिजली की औसत दर 6.41 निर्धारित की है जो पिछले वर्ष 5.93 प्रति युनिट थी। यह दर अब पिछले साल की तुलना में 48 पैसे प्रति युनिट ज़्यादा है। प्रदेश जब कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तब जनता को राहत देने के बजाय प्रदेश सरकार डाका डालने पर उतारू है। जबकि महंगाई के नाम पर मिथ्या प्रलाप करती कांग्रेस ने देश को हाल ही ग़ुमराह तक करने में कोई क़सर बाकी नहीं रख छोड़ी थी। बिजली दरों में यह बढ़ोतरी तो कांग्रेस सरकार की कुनीतियों और कुशासन की एक झलक है। कांग्रेस के राज में प्रदेश जिस तरह डूब रहा है, वित्तीय हालात ख़राब हैं, उस स्थिति में जनता की जेब ही हर बार काटी जाएगी। प्रदेश सरकार ने वितीय अनुशासनहीनता कर जो कर्ज़ों का बोझ लादकर प्रदेश को घाटे में ला पटका है, उसकी भरपाई यह सरकार अब जनता से ही करेगी। अब प्रदेश की जनता इस प्रदेश सरकार को सबक सिखाने तैयार हो जाए।
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