कोरोना के डर के साये में नवरात्र से पहले सजने लगे पंडाल

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Baikunthpur @ Tahkikat News

बैकुन्ठपुर समेत समस्त क्षेत्र में नवरात्र पर्व को उत्साहपूर्वक मनाने के लिए शहर व ग्रामीण अंचलों में तैयारी शुरू हो गई है। देवी उपासना का पर्व नवरात्र सात अक्टूबर से शुरू हो रहा है। नवरात्र पर्व के लिए दुर्गा पंडाल सजने लगे हैं। नवरात्र की शुरुआत सात अक्टूबर से हो जाएगी। इससे पहले नगर में जगह-जगह दुर्गा पंडाल सजाने का काम शुरू हो गया है। मूर्तियां बनाने के लिए आर्डर दे दिए गए हैं। दुर्गा मंदिरों में साफ-सफाई के बाद सजावट की जाने लगी है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन भी अपनी तैयारी शुरू कर लिए हैं। मूर्तिकार मां दुर्गा की मूर्ति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

बैकुन्ठपुर में हर धार्मिक पर्व पूरी आस्था व उल्लास के साथ मनाया जाता है। नवरात्र का उत्सव सात अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। इसकी तैयारी के लिए मूर्तिकारों ने मूर्तियां तेजी के साथ तैयार की जा रही हैं। देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मूर्तिकारों ने बताया कि नवरात्र पर्व के तहत इस बार मां दुर्गा की मूर्ति बनाने के लिए पर्याप्त आर्डर मिला है। इसे ध्यान में रखकर मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। मूर्तियों के आकार के अनुसार पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक में तैयार किया जा रहा है। समितियों द्वारा भी नवरात्र पर्व की तैयारी को लेकर शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत मूर्तियां स्थापित करने के लिए आकर्षक पंडाल तैयार करने के लिए समिति के सदस्य जुटे हुए हैं।

सामग्रियों की कीमतें बढ़ी

मूर्तिकारों की माने तो मूर्तियों को तैयार करने में उपयोग आने वाली कच्ची सामग्रियों की कीमतें बढ़ी हैं। प्रमुख रूप से रंग, अभ्रक, रंगीन कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण मूर्तियों की कीमतों में भी इजाफा करना पड़ा है। हर साल इनकी कीमतें बढ़ती जा रही हैं। कोरोना काल के दौरान बीते दो सालों में मूर्तियों की पर्याप्त संख्या में बिक्री नहीं हो पाई थी इसके चलते काफी नुकसान उठाना पड़ा था।

नगर व वार्डों की साफ सफाई

नवरात्र पर्व को देखते हुए शहर की गलियों की साफ-सफाई, प्रकाश व पानी इत्यादि व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा क्षेत्रवासियों ने जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अभियान चलाकर सभी वार्डों से कचरे के ढेर को हटवाया जाए।

नौ दिनों तक होती है नौरुपों की पूजा

7 अक्टूबर गुरुवार को मां शैलपुत्री की पूजा, 8 अक्टूबर शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, 9 अक्टूबर शनिवार को मां चंद्रघंटा पूजा व मां कुष्मांडा पूजा, 10 अक्टूबर रविवार को मां स्कंदमाता की पूजा, 11 अक्टूबर सोमवार को मां कात्यायनी की पूजा, 12 अक्टूबर मंगलवार को मां कालरात्रि की पूजा, 13 अक्टूबर बुधवार को दुर्गा अष्टमी, कन्या पूजन, मां महागौरी की पूजा, 14 अक्टूबर गुरुवार को महानवमी एवं हवन, कन्या पूजन एवं 15 अक्टूबर शुक्रवार को नवरात्र व्रत का पारण व दशहरा मनाया जाएगा।

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