Baikunthpur @ Tahkikat News
पढने लिखने की कोई उमर नही होती इसकी मिशाल कोरिया कलेक्टर के द्धारा जिले में चलाये जा रहे प्रौढ़ शिक्षार्थी के आंकलन के लिए महापरीक्षा का आयोजन में देखने को मिला। कोरिया कलेक्टर के इस अभिनव प्रयास में सास-बहू-बेटी ने दिलाई एक साथ परीक्षा में शामिल होकर समाज में नई मिषाल काम किया। मिली जानकारी के अनुसार जिले के मनेन्द्रगढ के प्राथमिक शाला चिउटीमार में मॉ अनारकली अपनी बेटी कुसुमकली व बहू गोदकुंवर के साथ परीक्षा में शामिल हुई। आंकलन केन्द्र छापरपारा में सुनीता ने अपने बच्चे के साथ परीक्षा दिलाई तथा नगर पालिका बैकुण्ठपुर के प्राथमिक शाला चेर में दिव्यांग विजय परीक्षा में शामिल हुए।
इसके लिए शिक्षार्थी सुविधा अनुसार निर्धारित समय के भीतर आंकलन में सम्मिलित हुए। शिक्षार्थी को प्रश्न-पत्र हल करने के लिए तीन घण्टे का समय दिया गया। कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देश पर जिले में इस परीक्षा के बेहतर संचालन की व्यवस्था की गई थी। इस महापरीक्षा में कुल 175 केंद्रों के माध्यम से कुल 7 हजार 289 शिक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें 5 हजार 673 महिला, 1 हजार 615 पुरूष एवं 1 तृतीय लिंग शिक्षार्थी शामिल हैं।
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