पदाधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक लगातार गुहार लगाने के बाद जब सड़क नहीं बनी। आवाजाही में परेशानी से तंग ग्रामीणों ने थक-हारकर अपने प्रयास से सड़क निर्माण करने की ठान ली। यह बात कोरिया जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सरडी गांव के ग्रामीणों के आत्मबल की है। विगत 6 वर्षों तक ग्रामीण सरकार के स्तर से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन न किसी राजनेता या न तो पदाधिकारी ही इस सड़क निर्माण कराने में आगे आए। थक हार कर ग्रामीण खुद से ही सड़क निर्माण कार्य में जुट गए हैं।
सड़क निर्माण कार्य की अगुवाई कर रहे ग्रामीण नाम हुकुम साय, चेरवा, उम्र 66 वर्ष निवासी सरडी स्कूलपारा ने बताया कि आजादी के 68 साल बाद भी हमलोग सड़क जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के लाभ से वंचित हैं। गॉव में आने जाने के लिए लोगों को सड़क ही नहीं है। बरसात के दिनो में भारी समस्या हो जाती है। जिससे गॉव के लोगो को किचड से सराबोर होकर गुजरना पड़ता है। खासकर बरसात के दिनों में भीषण परेशानी उठानी पड़ती है। जब कोई ग्रामीण बीमार पड़ जाते हैं तो अस्पताल तक लाने में काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है। कई बार तो सड़क नहीं रहने का खामियाजा भी ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। सड़क नहीं रहने का दर्द यहां के लोगों को सालों से परेशान कर रहा था। इसके लिए हुकुम साय, चेरवा ने ग्रामिणो के साथ मिलकर 100 मीटर लंबाई 10 फीट चौड़ाई की जमीन भी पंचायत को दान कर मिशाल पेश कर दिया। उन्होने बताया कि गॉव में सरडी स्कूल से लेकर राजेश सिह घर तक सडक का निर्माण कराया जा रहा है। आपस में ही ग्रामीण चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से ही सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसके लिए ग्रामीणों ने आपसी चंदा इकट्ठा कर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ किया।
सरकार और जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुना, तो हुकुम साय से ग्रामीणों मिलकर उठाया सडक निर्माण का जिम्मा
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