पीएम और सीएम की सोच पर जल संसाधन विभाग ने मला कालिख….कार्यालय परिसर में हरे भरे पौधो की कटाई

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महलपारा के आरा मिल संचालक के द्धारा की काटे गये नीलगिरी के पेड

कलेक्टर बोलीं बैगर अनुमति के होगी कार्यवाई

बैकुंठपुर।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण को बचाने कई ठोस कदम उठाए हैं और देश के आम नागरिको को पर्यावरण से जोड़ने एक पेड मां के नाम योजना लाकर भावनात्मक रुप से जोडने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में जल संसाधन विभाग के कार्यालय के परिसर में नीलगिरी के तीन हरे-भरे वृक्षों की कटाई बिना वजह जड से कर दी गई । बता दें कि गैर इमारती पेड़ो की कटाई के लिए अनुमति लेकर सत्यापन कराना आवश्यक है। राजस्व भूमि पर पेड़ कटाई के लिए एसडीएम और वन भूमि पर पेड़ कटाई के लिए वन विभाग की अनुमति लेना आवश्यक है। भंडारण के लिए भी अनुमति लेना जरूरी हैं। लेकिन इस मामले में दोनो ही विभाग से अनुमति नही होने की बात भी जानकारो के द्धारा कही जा रही है। यह लकड़ी तस्करी का खेल लंबे समय से कथित आरा मिल माफिया के द्धारा किया जा रहा है।

जहा जरुरत वहा नही कटाया

जबकि वर्तमान परिस्थितियों में इन पेड़ों से कार्यालय परिसर या कार्यालय बिल्डिंग को किसी प्रकार की क्षति नजर नहीं आ रही थी। वहीं पर जिन विशाल वर्षों की डालिया आए दिन बिजली के तार एवं बैकुंठपुर से अंबिकापुर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर गिरते रहती हैं उनकी कटाई नहीं की गई।

क्या है शासन के नियम

हमने इस संबंध में वन विभाग के जानकारों से जब बात की तो उनका कहना था कि यदि किसी वृक्ष से किसी प्रकार की क्षति होने की संभावना नहीं है तो उसे नहीं काटे जाने के नियम है । राजस्व के अंदर आने वाले वर्षों की कटाई की अनुमति राजस्व विभाग के अधिकारियों से लेने के बाद ही शासन के तय नियमों के मुताबिक उनकी कटाई की जा सकती है।

क्या बोले जिम्मेदार…..

मुझे एसडीओ ने पेड काटने को कहा

सारे मामले में कई बार अवैध लड़कियों के भंडारण में के मामले में वन विभाग विभाग की कार्यवाहियों का शिकार हुए बैकुंठपुर के महलपारा स्थित शर्मा आरा मिल के संचालक अशोक शर्मा मौके पर वृक्षों की कटाई करते नजर आए। जानकारी लेने पर उन्होने कहा कि मुझे पेड़ काटने की बाद विभाग के एसडीओ द्धारा कहा गया था। बताया जा रहा है कि शहर के इस लकडी कारोबारी को वन विभाग के द्धारा कई बार गैरकानूनी हरकतो के कारण कार्यवाई किया है किन्तु ये जनाब मौके पर मामले को दबाने के लिए पैसे का प्रलोभन तक देने से बाज नही आये। बेहतर होगा कि वन विभाग इनके लाईसेंस की समिक्षा करें।

मैंने दो पेड काटने की दी थी अनुमति

जल संसाधन संभाग कोरिया के क्षेत्र क्रमांक 01 के सहायक अभियंता अरुण कुमार निराला से पूछा गया तो उनका कहना था कि मैंने दो पेड़ काटने की अनुमति दी थी। सवाल यह है कि अब पेडो को काटने की जरुरत क्यो पडी और क्या उसमें शासन के नियमो का पालन किया गया है या फिर मौखिक आदेशो पर लाभ लेने के मकसद से सारा खेल रविवार को खेला जा रहा था। यह जाच का विषय है।

मुझे नही है जानकारी

जल संसाधन विभाग के मुखिया टोप्पो ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नही है मैं एसडीओ से इसकी जानकारी लेता हॅू। एक ओर देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हरियाली लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं वहीं पर हरे भरे वृक्षों की विभाग के द्वारा जिस प्रकार से कटाई कराई जा रही है। वो बेहद गंभीर है।

मैं मामले की जानकारी लेती हॅू

कोरिया कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने जानकारी देने पर बताया कि मैं मामले की जानकारी लेती हॅू। यदि मामले में अनुमति नही ली गइ् होगी तो कार्यवाई की जायेगी।

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