जवाहर नवोदय विद्यालय में युवा संसद को संबोधन में डॉ. प्रिंस ने बताया संसद का महत्व

Estimated read time 0 min read

बैकुंठपुर।

बसदेई के जवाहर नवोदय विद्यालय में गुरुवार को 26वां युवा संसद का आयोजन हुआ। जहां छात्रों ने संसद की तर्ज पर लोकसभा अध्यक्ष, सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिकाएं निभाईं। सत्ता पक्ष में बैठे छात्रों ने सरकार की जनहितकारी योजनाओं का बखान किया तो विपक्ष ने उन पर कड़े सवाल दागे।

इसी विधालय के छात्र रहे बैकुंठपुर निवासी व सूरजपुर जिले में डीपीएम पद पर कार्य करने वाले डॉ. प्रिंस जायसवाल ने छात्रो को वाले युवा संसद के दौरान हाल ही में बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और धार्मिक अल्पसंख्यक पर हो रहे अत्याचार को लेकर जानकारी दी। उन्होने बताया कि सत्त में पक्ष और विपक्ष ने इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष से सीधे सवाल पूछे और जवाब मांगे। इसके अलावा, पेपर लीक मामले पर भी सरकार को विपक्ष ने घेरा। हालांकि, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के हर सवाल का सटीक जवाब दिया और अपनी नीतियों का बचाव किया। कार्यक्रम में नवोदय विधालय में अध्ययन करने वाले सभी पुराने छात्र जो आज सरकार के विभिन्न विभागो में अपनी सेवाए दे रहे हैं मौजूद रहे। जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया।

उन्होने कहा कि यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ाने में सहायक साबित होगा। छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को नेतृत्व के गुण सिखाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विदित हो कि नवोदय विद्यालयों में युवा संसद का आयोजन, लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। यह एक नकली संसद होती है, जहां छात्र संसदीय प्रक्रिया का अनुभव करते हैं। युवा संसद में छात्रों को संसद के कामकाज के बारे में जानकारी मिलती है और वे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर राय बनाते हैं।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours