आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर परिजनों का कोतवाली में हंगामा
पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने मासूम मृतक का किया अंतिम संस्कार
बैकुंठपुर
शुक्रवार को 08 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत के बाद आरोपी वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई न करने को लेकर आक्रोसित परिजनों ने बैकुंठपुर सिटी कोतवाली के सामने जमकर प्रदर्शन किया । इस दौरान परिजनो की मांग थी कि आरोपियों के विरुद्ध कड़े कानून के तहत कार्रवाई की जाए । परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों को मुचलका जमानत में छोड़ दिया गया। जबकि उनके विरुद्ध हत्या का आरोप दर्ज होना चाहिए ।
कोतवाली के सामने बढता हंगामा देख एसडीओपी राजेश साहू कोतवाली में पहुंचकर परिजनों को समझाइए देते हुए कहा कि मामले की गहन विवेचन और आरोपियों पर कार्रवाई जाच कर कडी कार्यवाई की जायेगी। इसके बाद परिजनों का गुस्सा कुछ हद तक थामा और वे मृतक के अंतिम संस्कार को तैयार हुए।

स्कॉर्पियो की टक्कर से हुई मासूम की मौत
गौरतलब हो कि जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर के प्रेमाबाग स्थित बाबू कॉलोनी में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 08 वर्षीय मासूम बालिका की मौत हो गई। जहा तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन बाउंड्री गेट में जा भिड़ा, जहां मासूम खेल रही थी। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रेमाबाग निवासी सुनील विश्वकर्मा की भांजी इमांशी विश्वकर्मा पिता बहादुर विश्वकर्मा (उम्र 08 वर्ष) गुरुवार सुबह घर के बाउंड्री के भीतर खेल रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो (सीजी 16 सीक्यू 2859) वाहन को चला रहा नौसिखिया चालक आयुष पैकरा (उम्र 20 वर्ष), निवासी सत्तीपारा, नियंत्रण खो बैठा और तेज रफ्तार से बाउंड्री गेट में जबरदस्त ठोकर मार दी।
परिजन बालिका को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी चालक को हिरासत में लेकर बीएनएस की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया।

गर्मी की छुट्टियों में मामा के घर आई थी मासूम
मृतिका इमांशी गर्मियों की छुट्टियां बिताने मामा सुनील विश्वकर्मा के घर आई थी। मामा डेयरी से संबंधित कार्य करते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन एक झटके में सब कुछ मातम में बदल गया।
घनी बस्ती में हो रही थी ड्राइविंग की ट्रेनिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो में चालक के साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था, जो घनी आबादी वाले क्षेत्र में गाड़ी चलाना सिखा रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाउंड्री गेट और दीवार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद वाहन को बैक कर किसी तरह बालिका को निकाला जा सका।
तेज रफ्तार वाहनों पर नहीं लग रही लगाम
शहर के रिहायशी वार्डों में दुपहिया और चारपहिया वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं है। ऐसे इलाकों में बच्चे सड़कों और घरों के सामने खेलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
वर्जन…….
मामले की गहन विवेचन कर आरोपियों पर कडी कार्यवाई की जायेगी। पुलिस परिजनों के गुस्से को समण्ती हैं। हमें मृतक के परिजनो से गहरी संवेदना है।
राजेश साहू – एसडीओपी, बैकुंठपुर कोरिया

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