श्रमिक की मौत, एसईसीएल मौन….ठेका कपंनी ने दबाव में 15 लाख मुआवजा की घोषणा
कोरिया जिले के चरचा का मामला, बीती रात में घटी घटना
बैकुंठपुर
बैकुंठपुर महाप्रबंधक कार्यालय अंर्तगत संचालित एसइसीएल चरचा कॉलरी की ईस्ट कोयला खदान में मंगलवार की रात को खदान हादसे में एक ठेका कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। मामले में ठेका श्रमिकों ने जमकर हंगामा किया । एसइसीएल अधिकारी आनन-फानन में पहुंचे और प्राइवेट कंपनी टीएमसी से चर्चा की। जिससे प्राइवेट कंपनी ने मृतक के परिवार को तत्काल 25 हजार और 15 लाख मुआवजा देने की बात मृतक के परिजनो को कही गई है। मृतक के परिजनो ने बताया कि दिगेश्वर को मजदूरी करते मात्र तीन दिन ही हुए थे वह काम मे बिलकुल नया था कि वह हादसे का शिकार हो गया जिसकी सूचना मृतक के अन्य मजदूर मित्रो द्धारा उसके परिजनो को रात में दी गई।

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात लगभग 10.30 बजे चरचा वेस्ट कालरी की खदान के भीतर कार्य करते समय हादसा हुआ। चरचा कॉलरी में हादसे में ठेका श्रमिक दिगेश्वर सिंह (32) निवासी बरबसपुर जिला एससीबी की ड्यूटी करते समय मौत हो गई। कॉलरी में कोयला उत्खनन का ठेका कंपनी को मिला हुआ है। जिससे कंपनी कोयला खनन संबंधी समस्त कार्य करती है।

हादसे के समय श्रमिक सेकंड शिफ्ट में मृतक मशीन की सेंटिंग कर रहा था कि उसी दौरान मशीन से टकरा गया। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। मामले में आनन-फानन में श्रमिक को खदान से बाहर निकालकर क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद चरचा क्षेत्र के ठेका श्रमिक आक्रोशित हो गए और जमकर हंगामा कर दिया। भारी संख्या में क्षेत्रीय चिकित्सालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान चरचा के कुछ बाहरी नेताओं ने ठेका श्रमिक का शव निकालकर बाहर भेजने की कोशिश की थी। मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ और ठेका मजदूर मुआवजे की घोषणा कराने पर अड़ गए। श्रमिक बोले, मुआवजे की घोषणा नहीं होगी, तब तक श्रमिक के शव का पंचनामा नहीं कराएंगे और न ही कहीं जाने दिया जाएगा।

जानकार बताते हैं कि जेएमएस कंपनी मनमाने तरीके से कार्य करा रही है। यह जांच का विषय है कि अन्य स्थान पर कार्य करने वाले मजदूर को मशीन आपरेट करने कैसे भेज दिया गया। चरचा में ठेका श्रमिकों का शोषण होने की बात पिछले दो दशक से सामने आ रही है। अनुबंधित कंपनी मनमाने तरीके से 3 शिफ्ट में कोयला उत्खनन कर रही है।

हंगामे के बाद मुआवजे की घोषणा
पूरी घटना में चरचा एसइसीएल प्रबंधन मौके से गायब रहा जबकि जेएमएस के कुछ निचले कर्मचारियो ने चरचा टीआई प्रमोद कुमार पांडे के सामने ठेका श्रमिकों के भारी आक्रोश को देख जेएमएस कंपनी के कर्मचारियो मुआवजा राशि देने की घोषणा किया। जेएमएस कंपनी द्वारा अंतिम संस्कार के लिए तत्कालिक तौर पर 25000 रुपए देने की बात कही गई। वहीं मुआवजे के रूप में 15 लाख देने की सार्वजनिक घोषणा की गई। मुआवजा राशि का सार्वजनिक घोषणा होने के बाद श्रमिकों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमति दी। ऐसी चर्चा है कि चरचा कॉलरी में कोयला खनन करने वाली एसइसीएल से अनुबंधित जेएमएस कंपनी अपने पेटी कांट्रेक्टर को मैन पावर सप्लाई करने का काम दिया गया था। जिससे पेटी कांट्रैक्टर ने जितने भी ठेका श्रमिक कार्य में लगाए हैं। उनका बीमा नहीं करवाया गया। जो कि पूरी तरह एसइसीएल के अनुबंध नियमों का उल्लंघन है।

वर्जन………
ठेका श्रमिक की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। एसइसीएल में ठेका श्रमिक मारे जा रहे हैं। जो कि चिंता का विषय है। सुरक्षा के प्रति प्रबंधन की कथनी और करनी पूरी तरह स्पष्ट है।
योगेन्द्र मिश्रा, महामंत्री, कोयला मजदूर संघ, हिन्द मजदूर सभा, एसईसीएल, बैकुंठपुर


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