कांग्रेस जिलाध्यक्षों की घोषणा बिहार चुनाव के बाद……संभावितो की धडकने हुई तेज
बैकुंठपुर।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी करने कर ली गई है। बताया जा रहा है कि बिहार चुनाव के परिणाम आने के बाद कां्रगेस जिलाध्यक्षो की सूची जारी होने की बात कही जा रही है। कोरिया जिले के जिलाध्यक्ष के तौर पर नए चेहरें को मौका मिलेगा। या फिर पुराने रिपीट हो सकते हैं। माना जा रहा है कि संगठन के प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाले को इस बार मोका नही मिलेगा।
अहम बैठक में लगे फैसले पर मुहर
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।
नई टीम का दिल्ली में होगी ट्रेनिंग
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सीनियर लीडर्स उनकी ट्रेनिंग दिल्ली में भी करवाएंगे। दिल्ली मुख्यालय जाकर नए जिलाध्यक्ष पार्टी की वर्किंग पैटर्न को सीखेंगे। यहां पर वे राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार 10 नवंबर से पहले ये सब प्रक्रिया कांग्रेस कर सकती है।
परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम लागू
कांग्रेस इस बार पुराने ढर्रे से हटकर संगठन को परफॉर्मेंस बेस्ड स्ट्रक्चर में बदलने की दिशा में काम कर रही है। हर 6 महीने बाद जिला इकाइयों की समीक्षा होगी। जो पदाधिकारी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रदेश पदों या चुनावी जिम्मेदारियों में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं निष्क्रिय नेताओं को हटाकर नए और सक्रिय चेहरों को मौका दिया जाएगा।
6 महीने में हटाए जा सकते हैं जिला अध्यक्ष
बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी अब जिलाध्यक्षों की नियुक्ति 6-6 महीने के परीक्षण कार्यकाल पर करने की तैयारी में है। 6 महीने के बाद उनके कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक प्रदर्शन, जनसंपर्क, सदस्यता अभियान और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता को आधार बनाया जाएगा। जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहेगा, उन्हें बदला जा सकेगा। कांग्रेस संगठन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पार्टी अब जिलाध्यक्षों की नियुक्ति छह-छह महीने के परीक्षण कार्यकाल पर करने की तैयारी में है। छह महीने बाद उनके कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें संगठनात्मक प्रदर्शन, जनसंपर्क, सदस्यता अभियान और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता को आधार बनाया जाएगा।

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