लैंगिक समानता, महिलाओं तक सीमित नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए आवश्यक-सुरेशा चौबे

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कन्या महाविद्यालय में सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का समापन

बैकुंठपुर।

उच्च शिक्षा विभाग रायपुर द्वारा सौंपा गया संकाय विकास कार्यक्रम का दायित्व जिसका विषय के अनुसार लैगिक समावेशन, समानता और संवेदनशीलता एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण इस विषय के समापन दिवस पर अलग-अलग विभाग एवं इस विषय के विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि लैंगिक समावेशन, समानता तथा संवेदीकरण एक ऐसा परिवर्तनकारी दृष्टिकोण है जो पारंपरिक लैंगिक रूढ़ियों को तोडकर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में पुरूषों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है। यह शिक्षा, कार्यस्थल और नीतियों में न्याय, सम्मान और अवसर की समानता को बढ़ावा देकर एक समावेशी और सतत समाज का निर्माण करता है।

व्याख्यान के दौरान जिन विषयो पर जानकारी में टेक्निकल सेसन में महिला बाल विकास विभाग, कोरिया की टीम अपस्थित रही, उन्होंने अपने व्याख्यान में पॉक्सो एक्ट विशाखा गाइडलाइन, आन्तरिक शिकायत समिति, शी-बॉक्स, घरेलू हिंसा अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह इत्यादि को विषय से जोड़कर बताया। महिलाओं के अधिकारों की बात करना, पुरूषों का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह समानता और न्याय की स्थापना की दिशा में एक साकारात्मक पहल है।

टेक्नीकल सेसन की मुख्य वक्ता सुरेशा चौबे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लैंगिक समानता, महिलाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए आवश्यक है, उन्होंने बताया कि आज तृतीय लिंग को भी आरक्षण और अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं, जो सामाजिक समावेश के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी में समान अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य वक्ता डॉ. रविना बारिहा ने बायोलॉजिकल बर्थ को प्रमुखता से समझाया जेंडर न्यूट्रल एन्वायरनमेंट पर चर्चा में कहा कि पुरातन वेद, रामायण और महाभारत में तृतीय जेंडर की क्या भूमिका रहीे है, मुगलों के शासन में महिलाओं की सुरक्षा हेतु महलों मंे उनकी भूमिका के बारे में बताया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आर. एन. कच्छप ने विभिन्न व्याख्यान में सम्मिलित व्याख्याताओं का ह्दय से आभार व्यक्त किया। साथ ही कार्यक्रम के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने में भागीदारी प्रकट करने वाले विद्वानों, शोधार्थियों विद्यार्थियों तथा समस्त स्टॉफ का स्वागत् करते हुए हार्दिक आभार प्रकट किया। इसके साथ ही कार्यक्रम की अन्तिम कड़ी में सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागी प्रमाण पत्र का वितरण मुख्य अतिथियों के द्वारा किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपस्थित प्रतिभागियों और अतिथियों का मनोरंजन किया गया। अंत में उपस्थित अतिथियों को महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह् भेट स्वरूप दिया गया।

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