जॉच के नाम पर 15 छात्रो को नही करने दिया परिक्षा केन्द्र में प्रवेश……छात्रो का फूटा गुस्सा…..कलेक्टर से किया शिकायत……वंचित किए गए छात्रो की परिक्षा दोबारा कराने की मांग

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छात्रो के पास किए गए अन्याय का सबूत……फोटो-विडियो उनके मोबाईल कैमरे में मौजूद

बैकुंठपुर।

सीजी प्री डी.एड परीक्षा में परीक्षार्थियों के साथ परीक्षा केंद्र में व्यवस्था के नाम पर भेदभावपूर्ण व्यवहार कर परीक्षा से अभ्यर्थियों को वंचित करने की शिकायत कोरिया कलेक्टर से छात्रों ने किया । छात्रों के अनुसार वे बैकुंठपुर के नवीन कन्या महाविद्यालय में तय समय पर 04 जून को निर्धारित समय पर परीक्षा पहुॅचे। जहां मुख्य द्वार पर प्रवेश के बाद सुरक्षा जांच एवं अन्य व्यवस्थाओं में अत्यधिक विलंब किया गया। जिसके कारण कई छात्र समय रहते हैं परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं कर सके । जबकि तय समय के अनुसार परीक्षा सुबह 10 बजे से निर्धारित था केंद्र प्रबंधन द्वारा प्रवेश प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई । जिसके परिणाम स्वरूप अनेक विद्यार्थी परीक्षा से वंचित रह गए । छात्रो ने बताा कि हमारी उपस्थिति समय पर परीक्षा केंद्र पर हो गई थी विलंब हमारी ओर से नहीं हुआ था विलंब जांच के नाम पर किया गया।

मोबाईल कैमरे में सबूत मौजूद-छात्र

छात्रों ने बताया कि हमारे सामने ही कई छात्रों को परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया । जबकि हम कुछ छात्रों को जांच के नाम पर जानबूझकर बाहर लटकाया गया । जो सामान्य न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन प्रतीत होता है तथा हमारे साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का सबूत भी है । अब यह परीक्षा केंद्र प्रबंधन के द्वारा क्यों किया गया इसका जवाब तो वही दे सकते हैं किंतु हमारे भविष्य के साथ खिलवाड किया गया है। छात्रों ने कहा कि मौके पर हम छात्रों के पास मौजूद मोबाइल कैमरे से फोटो और वीडियो भी बनाया गया है जिसमें सच्चाई कैद है।

कोरिया कलेक्टर के पास पहुॅचा शिकायत

इस संबंध में परिक्षा से वंचित छात्रों ने कोरिया कलेक्टर से मांग करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए । संबंधित परीक्षा केंद्र के व्यवस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कराई जाए । प्रभावित और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु उचित कार्रवाई की जाए । आवश्यक होने पर प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजन करने का इंतजाम किया जाए । जिससे उनका भविष्य के साथ खिलवाड़ वह सुधर जा सके दिन 15 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने से वंचित रखा गया ।

15 छात्रो रहे परिक्षा से वंचित…शिक्षा के मूल अधिकारों का हनन

छात्रो की माने तो जांच के नाम पर परीक्षा केंद्र में छात्रों का भविष्य के साथ खिलवाड़ कर 15 छात्रों को परीक्षा देने से रोका गया। परीक्षा के नाम पर छात्रों को परीक्षा से रोकना उनके भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। शासन द्धारा तय नियो की माने तो यदि प्रवेश पत्र होने और सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद छात्रों को अंदर जाने से रोका जाता है, तो यह शिक्षा के मूल अधिकारों का हनन है। ऐसी गंभीर स्थिति में छात्रों को न्याय पाने के लिए साक्ष्य इकट्ठा कर अपने एडमिट कार्ड, उपस्थिति पत्रक और केंद्र के बाहर की तस्वीरों या वीडियो को सुरक्षित रखें। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने बाहर रोका है, तो उनका नाम और पद के साथ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को तुरंत एक ईमेल या लिखित शिकायत भेज सकते हैं।

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