शासकीय उचित मूल्य दुकान से 44 कट्टी चावल एवं 11 बोरी शक्कर चोरी का खुलासा

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बैकुंठपुर ।

कोरिया साइबर सेल एवं थाना चरचा की संयुक्त टीम ने आरोपी को किया गिरफ्तार। ग्राम पंचायत चरवापारा, विकासखंड बैकुंठपुर में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान, छरछा बस्ती के संचालक ईश्वर चन्द्र साहू पिता स्व. जगदेव साहू, निवासी तलवापारा बैकुंठपुर द्वारा गत 05 अगस्त को थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि 03 अगस्त एवं 04 अगस्त की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान में रखे पीडीएस चावल 44 कट्टी तथा 11 बोरी शक्कर चोरी कर लिया गया है।

सूचना पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह एवं एसडीओपी आशा सेन को अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में साइबर सेल एवं थाना चरचा की विशेष टीम गठित कर चोरी गए माल एवं अज्ञात आरोपियों की पतासाजी हेतु तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया गया।

पतासाजी के दौरान मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति ग्राम कुडेली में कई दिनों से बाजार में सोसायटी पीडीएस का चावल लाकर बेच रहा है। सूचना की तस्दीक हेतु ग्राम कुडेली पहुंचकर जानकारी प्राप्त की गई, जहां हॉट बाजार में हीराधन देवांगन निवासी धरमपुर, थाना भटगांव, जिला सूरजपुर चोरी किए गए चावल को बेचने के फिराक में ग्राहक तलाशते मिला।

साक्षियों के समक्ष पूछताछ करने पर आरोपी ने घटना दिनांक को अपने साथियों के साथ मिलकर ग्राम छरछा बस्ती स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का ताला तोड़कर 44 कट्टी चावल एवं 11 बोरी शक्कर चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपी द्वारा चोरी किए गए चावल एवं शक्कर को सफेद रंग के बोलेरो वाहन क्रमांक सीजी 16 सीआर 8125 से परिवहन कर ठिकाने लगाया गया था। आरोपी के बताए अनुसार उसके हिस्से में मिले 07 कट्टी चावल एवं 01 बोरी शक्कर बरामद करने में सफलता प्राप्त हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में रिमांड पर भेजा गया।

प्रकरण में शामिल शेष आरोपी फरार हैं, जिनकी पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। उक्त प्रकरण के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह गौतम, अमित त्रिपाठी, शशि भूषण, अमल कुजूर, सजल जायसवाल, प्रदीप साहू, अमरशानंद ठाकुर एवं सैनिक विकास सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

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