सत्ता का दूरुपयोग………4.36 लाख की नाली निर्माण पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट और मौके की स्थिति में विरोधाभास का आरोप……सरपंच-सचिव को लेआउट की जानकारी नहीं, फिर 10 जून से 26 अगस्त तक कार्य पूर्ण होने की रिपोर्ट पर उठे सवाल
बैकुंठपुर।
बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत भांडी में 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत आरसीसी नाली निर्माण कार्य को लेकर शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। बताया गया है कि मुकेश के घर से लिटिल मिलेनियम स्कूल होते हुए अवधेश के घर तक नाली निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्रमांक 8188 दिनांक 2 मार्च 2026 को जारी हुआ था। कार्य की स्वीकृत राशि 4 लाख 36 हजार रुपये बताई गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मौके पर नाली निर्माण का कार्य निर्धारित रूप से पूरा नहीं हुआ है और वर्तमान में कार्य बंद है। वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में पूर्व शिकायत के बाद 27 जुलाई 2026 को दिए गए प्रतिवेदन में जांच के दौरान सूचना पटल नहीं होने, सरिया की मात्रा सही पाए जाने तथा बारिश के कारण नाली के बेस का कुछ हिस्सा खराब होने पर उसे हटाकर दोबारा ढलाई कराने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख किया गया था।
शिकायत में सबसे महत्वपूर्ण सवाल निर्माण कार्य के लेआउट और उसकी जानकारी को लेकर उठाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को ही लेआउट की जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है, जबकि जांच प्रतिवेदन में निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख है। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को ही बताया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तारीख 10 जून 2026 और पूर्ण होने की तारीख 26 अगस्त 2026 बताई गई है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार मौके की स्थिति इससे मेल नहीं खाती। इसी आधार पर कार्य की वास्तविक शुरुआत, माप पुस्तिका में दर्ज माप और पूर्णता प्रमाण-पत्र की सत्यता की जांच की मांग की गई है।
निर्माण में 8 एमएम सरिया लगाए जाने का उल्लेख करते हुए शिकायतकर्ता ने कहा है कि केवल सरिया का आकार सही होना पर्याप्त नहीं है। सरिया की संख्या, दूरी, लंबाई, कंक्रीट की मोटाई, नाली की लंबाई-चौड़ाई और गहराई का मौके पर भौतिक सत्यापन जरूरी है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ स्थानों पर तीन सरिया के स्थान पर दो सरिया लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने संभावित कमीशन संबंधी आशंका भी व्यक्त की है, लेकिन कहा है कि वह इसकी पुष्टि नहीं करता। यह आशंका जांच अधिकारी के प्रतिवेदन और निर्माण एजेंसी से जुड़ी जानकारी में बताए गए विरोधाभासों के आधार पर सामने आई है। शिकायत क्रमांक डब्लूपी 260800167180 तथा पूर्व शिकायत डब्लूपी 260700103949 के संबंध में शिकायतकर्ता ने पुनः मौके पर जांच, ग्रामीणों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी तथा निर्माण की पूरी माप और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही पूर्व जांच प्रतिवेदन में दर्ज तथ्यों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कर आवश्यक संशोधित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की मांग की गई है।


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