न्यू लाइफ में एमएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू

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नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में बढ़े अवसर, बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम पहले से संचालित; पीएनटी के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश

बैकुंठपुर।

बैकुंठपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार के बीच नर्सिंग शिक्षा युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही है। इसी दिशा में न्यू लाइफ हेल्थ एंड एजुकेशन द्वारा संचालित न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में एमएससी नर्सिंग एवं पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। संस्थान में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम भी पूर्व से संचालित है। नर्सिंग क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए इन पाठ्यक्रमों को युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और व्यावसायिक भविष्य की नई राह के रूप में देखा जा रहा है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार वर्तमान दौर में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मियों की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नर्सिंग शिक्षा केवल सेवा का माध्यम ही नहीं, बल्कि युवाओं को सम्मानजनक और विविध रोजगार अवसरों से जोड़ने वाला व्यावसायिक क्षेत्र भी है।

बायोलॉजी विद्यार्थियों के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम

बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए हायर सेकेंडरी के बाद बायोलॉजी संकाय के विद्यार्थियों को अवसर मिलता है। यह चार वर्षीय, आठ सेमेस्टर का पाठ्यक्रम है। भारतीय नर्सिंग परिषद के संशोधित पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के साथ सैद्धांतिक ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्थान के अनुसार बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए शासन के निर्धारित नियमों के तहत बायोलॉजी विषय आवश्यक है। वहीं, जीएनएम उत्तीर्ण अभ्यर्थी पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए पात्र होते हैं। बीएससी नर्सिंग के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा की दिशा में एमएससी नर्सिंग सहित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का चयन कर सकते हैं।

पीएनटी के प्राप्तांकों से प्रवेश

बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग एवं एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए व्यापम द्वारा आयोजित पीएनटी यानी प्री नर्सिंग टेस्ट में प्राप्त अंकों को आधार बनाया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी नवीनतम नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार आवेदन करना होगा।

सरकारी से निजी क्षेत्र तक रोजगार के अवसर

नर्सिंग पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के सामने रोजगार के अनेक क्षेत्र खुलते हैं। शासकीय एवं अर्धशासकीय अस्पतालों के अलावा निजी अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, औद्योगिक संस्थान, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं, क्लिनिकल केयर सेंटर, काउंसलिंग सेंटर, नर्सिंग शिक्षण संस्थान, औषधि कंपनियां तथा सशस्त्र बलों से जुड़े स्वास्थ्य संस्थानों में अवसर उपलब्ध होते हैं। संस्थान के अनुसार न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग से पूर्व वर्षों में शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को शासकीय एवं निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। एसईसीएल के अंतर्गत संचालित विभिन्न अस्पतालों एवं डिस्पेंसरी में भी संस्थान के विद्यार्थियों को स्टाफ नर्स के पदों पर रोजगार प्राप्त हुआ है। संस्थान का दावा है कि यहां से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं जॉब प्लेसमेंट की दिशा में लगातार प्रयास किए जाते हैं।

मान्यता और संबद्धता का आधार

न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग को भारतीय नर्सिंग परिषद, नई दिल्ली से उपयुक्तता प्राप्त होने के साथ छत्तीसगढ़ स्टेट नर्सिंग काउंसिल, रायपुर से नर्स पंजीयन के लिए मान्यता तथा आयुष विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त होने की जानकारी संस्थान ने दी है। नर्सिंग शिक्षा को सेवा, संवेदना और वैज्ञानिक ज्ञान का संगम माना जाता है। बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य में प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मियों की भूमिका अस्पताल की व्यवस्था से लेकर समुदाय के स्वास्थ्य तक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में प्रारंभ किए गए नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवा के व्यापक क्षेत्र से जुड़ने का अवसर प्रदान कर सकते हैं।

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