उठाव के इंतजार में पौने चार लाख क्वि. धान…….सुबह से आसमान में बादल, बारिष की आषंका…… आफत में धान भी और किसान भी

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

जिले के खरीदी केंद्रों में खुले में पड़ा किसानों का धान चिंता बढ़ा रहा है। जिले में बनाए गए 33 खरीदी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे चल रहे हैं। अधिकांश केंद्रों में किसानों की धान तौल होने के बाद बाहर पड़ी है या फिर तौलने के लिए बाकी रह गई। ऐसे में बादल छाए रहने से बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 15-20 दिन इस तरह का मौसम रहने वाला है। जिससे कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। पिछले दो दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। ठंड के तेवर भी कुछ कम हुए हैं। लेकिन बादलों की आवाजाही से किसानों के माथे पर चिंता की लकरें दिखने लगीं हैं।

बहुत से खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान का स्टाक खुले में रखा है। परिवहन नहीं होने से खरीदे गए धान के बोरों का केंद्रों में अंबार लगा है। लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी सिर्फ आंकडों के घोडे दौडा रहे हैं। अधिकारी तो दावा कर रहे हैं कि जिले के सभी खरीदी केंद्रों में सब कुछ सही चल रहा है। लेकिन केंद्रों में जाने पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रहा है।

परिवाहन नही होने से मुष्किल में खरीदी केन्द्र

जिस धान की खरीदी हो गई है वह धान भी अभी केंद्रों में रखा हुआ है। लाखो बोरियों में धान केंद्रों में रखा हुआ जिसका परिवहन नहीं हो पा रहा है। परिवहन धीमा होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। परिवहन कर्ता के पास उतने वाहन नहीं जितना बताकर उसने परिवहन का ठेका हांसिल कर लिया है। परिवहन कर्ता द्वारा धीमी रफ्तार से धान का परिवहन किया जा रहा है। तो कुछ केन्द्र को इसका कारण बता रहे हैं यही कारण है कि कागज में परिवहन की कुछ और रिपोर्टिंग हो रही है और जमीन स्तर पर नजारा कुछ और है। मौसम खराब होने के बाद भी इस मामले में गंभीरता नहीं बरती जा रही है जिससे हजारों बोरी धान पर खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।

पीछे के दरबाजे से व्यापारियों की तुल रही धान

किसानों के मैसेज आने और किसानों द्वारा केंद्र में धान पहुंचाने के बाद कई दिनों तक उनकी धान नहीं तौली जा रही, लेकिन बड़े व्यापारी किसानों से कम रुपयों में धान खरीद करने के बाद खरीदी केंद्रों में पीछे के दरबाजे से धान तुलवा रहे हैं। खरीदी केंद्र प्रभारी भी कमीशन के चक्कर में किसानों की तुलाई रोककर पहले व्यापारियों की धान तौल रहे हैं। जिससे किसानों को बेवजह ही धान की तकवारी करना पड रही है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी केंद्र में जाकर सिर्फ चक्कर काटकर वापस लौट आते हैं। खरीदी केंद्रो में तो यह भी देखा जा रहा है कि क्षेत्रीय नेताओं का कचरा मिला धान तुलवाया जा रहा है। लेकिन किसानों की धान तौलने के लिए सारे नियम कानून बताए जाते हैं। लेकिन नेताओं की धान के लिए सभी नियम कानून शिथिल कर दिए गये हैं।

पानी से धान को बचने केंद्र में व्यवस्था नहीं

केंद्र में रखी तुली धान और बिना तुली धान को पानी से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। किसान खुद अपनी व्यवस्था से तिरपाल लेकर अपनी बिना तुली धान की सुरक्षा करने मजबूर हैं। रोजाना बादल छाए रहने से बारिश की आशंका बनी रहती है। सोमवार की सुबह से पानी बरसने की संभावना के चलते किसानों ने केंद्रों में धान को ढक दिया था। जबकि फिलहाल धान बची हुई है। आसमान पर छाए बादलों की वजह से किसान एक बार फिर आफत में नजर आ रहे हैं। खरीदी केंद्रों में अपने धान के साथ बैठे किसानों के लिए यह समय सबसे कठिन है। वे किसान भी चिंता में हैं जिनका धान अभी केंद्रों तक पहुंचा नहीं है। किसानों के लिए अपने धान को बचाना सबसे बड़ा चुनौती का काम है। जिले के खरीदी केंद्रों में जहां किसानों के बैठने, पीने के पानी और मजदूरों तक की व्यवस्था में कमिया साफ नजर आ रही है। वहां उनके लाए हुए धान को सुरक्षित रखने की क्या व्यवस्था होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। केंद्र तक लाए गए उस धान की सुरक्षा किसानों को खुद ही करनी होगी जो अभी वे बेच नहीं पाए हैं। ऐसी स्थिति में अगर बारिश होती है तो किसानों के लिए मुश्किल बढ़ जाएगी।

सोमवार दिनभर छाये रहे बादल

यूं तो आसमान पर पिछले कई दिनों से बादल छाए हुए थे लेकिन अभी तक मौसम नहीं बदला था। रविवार की रात से मौसम अचानक करवट लेने लगा और पूरा आसमान बादलों से ढक गया। इसी के साथ बारिश जैसा मौसम बन गया है। जिले के कुछ हिस्सों में तो बूंदा-बांदी भी हो गई है। किसी भी समय तेज बारिश होने का अंदेशा बना हुआ है। इतना ही नहीं रविवार से पहले बादलों के कारण ठंड कम हो गई कुछ यही हाल सोमवार को पूरा दिन बना बरा है।

फैक्ट फाईल……..

जिले में धान खरीदी केन्द्रो की संख्या – 33
कुल की गई खरीदी धान की मात्रा – 586209.20 क्वि.
अब तक कुल उठाव – 209511.11 क्वि.
जारी किये गये डियो की मात्रा – 215359.60 क्वि.
खरीदी केन्द्रो में पडे हुए धान की मात्रा – 376698 क्वि.

सबसे अधिक खरीदी वाले 7 प्रमुख केन्द्र

पटना – 40325 क्वि.
जामपारा – 29254 क्वि.
तरगवाॅ – 28232 क्वि.
गिरजापुर -26714 क्वि.
धौराटिकरा – 26460 क्वि.
केल्हारी – 24671 क्वि.
चिरमी – 22747 क्वि.

सबसे कम खरीदी सोनहत के रामगढ खरीदी केन्द्र में 3470 क्वि.

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