विश्व टीबी दिवस किया गया मास्क का वितरण जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

विश्व टीबी दिवस के मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, जिला कलेक्टर कोरिया, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया , पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया एवम जन समुदाय को टीबी का स्लोगन लिखा मास्क का वितरण किया गया। शहर के जनसामान्य लोगों को ट्रैफिक पुलिस, बस ऑटो सर्विस, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व अन्य सहयोगियों को कोरोना व टीबी से बचाव के लिए मास्क का वितरण करतें हुए टीबी दिवस पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला अस्पताल परिसर से जागरुकता रथ को सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा , जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ ए के सिह जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैकरा , सुधांशु श्रीवास्तव , डॉ कार्तिकेय सिह, राकेश सिंह ,ेव शिशिर जायसवाल , संतोष सिंह ,राजेश विष्वकर्मा वअन्य अधिकारी कर्मचारीमौजूद र

नोडल अधिकारी डां अशोक सिंह ने बताया “टीबी यानी टयूबरक्लोसिस बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए ही इस वर्ष विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च 2021 को एक खास थीम घड़ी चल रही है पर आधारित है। जो यह समझाता है कि वैश्विक नेताओं द्वारा टीबी को समाप्त करने की प्रतिबद्वताओं पर कार्य करने के लिए दुनिया समय से बाहर चल रही है। हर साल विश्व में कितने ही लोग क्षयरोग यानि टीबी की बीमारी की वजह से मर जाते हैं। यह बीमारी महामारी का रुप धारण ना कर ले, इसके फलस्वरुप क्षयरोग के प्रति लोगों को जागरुक करने, महामारी उन्मूलन के प्रयासों को बढ़ाने, स्वास्थ्य, और तपेदिक (टीबी) के सामाजिक एवं आर्थिक परिणाम के बारे में जागरूक करने हेतु विश्व टीबी दिवस को हर वर्ष मनाया जाता है।


सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया कलेक्टर कोरिया के मार्गदर्शन में जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए “ टीबी हारेगा – देश जीतेगा ” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के हाई रिस्क एरिया में टीबी के एक्टिव केस खोजे गए। टी.बी. को प्रारंभिक अवस्था में ही न रोका जाना आवश्यक अन्यथा इससे व्यक्ति की स्थिति गंभीर भी हो जाती है। किसी भी व्यक्ति में इस बीमारी की शुरुआत धीरे-धीरे होती है लेकिन बाद में यह रोग गंभीर रूप ले लेता है। टी.बी. रोग को अन्य कई नाम से भी जाना जाता है, जैसे तपेदिक, क्षय रोग तथा यक्ष्मा। छत्तीसगढ राज्य को वर्ष 2023 तक टीबी मुक्त और वर्ष 2025 तक भारत से इसका नामोनिशान मिटा देने के लिए सभी को लड़ना होगा”।

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