विकासखंड में लॉकडाउन नियम पूरी तरह से विफल

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तहकीकात न्यूज  @ दिनेश बारी . लखनपुर

करोना वैश्विक महामारी के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु पूरे भारत में कोरोनावायरस का कहर जारी है जिसे देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा जिला प्रशासन को आवश्यकतानुसार अपने-अपने जिलों में लॉकडाउन कर्फ्यू लगाए जाने की छुट दी गई थी इसी क्रम में सरगुजा के हालात बिगड़ते देख सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने सरगुजा जिले में 13 अप्रैल से 23 तारीख तक लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी जिसे आगे बढ़ाकर जिले में 26 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन किया गया था जिसका पालन कराने के लिए स्थानीय प्रशासन के मुख्य अधिकारियों कर्मचारियों मैं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तहसीलदार पुलिस प्रशासन नगरीय निकाय तथा जनपद पंचायत को जिम्मेवारी सौंपी गई थी


परंतु लॉकडाउन के शुरुआती दौर में दो-तीन दिन राजस्व अमला पुलिस प्रशासन नगरीय निकाय सक्रिय नजर आए परंतु बाद के दिनों में राजस्व पुलिस प्रशासन नगरीय निकाय पूरे लॉक डाउन नियम का पालन कराने में नदारद निष्क्रिय देखे गए।
लिहाजा ग्रामीण अंचलों में दूसरे जिला प्रांतों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों का आना-जाना बेधड़क होने लगा तथा मोटरसाइकिलो में बिना मास्क के तीन से चार सवारियों का भी आना जाना लगातार बढ़ता ही गया जिसके कारण लखनपुर विकासखंड के ग्राम पटकुरा, कुंवरपुर ,लटोरी, बंधा, उमरौली, तुरना राजपुरीकला लोसगी नरकालो मांजा जैसे दर्जनों गांव में भी कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ने लगी हैं।

        वहरहाल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण स्थानीय व्यापारियों के द्वारा आधा शटर खोलकर खुलेआम लॉक डाउन नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं तथा कुछ ऐसे व्यापारी भी हैं जो  कोरोना  संक्रमित होने के बावजूद   पूरे लॉकडाउन अवधि के दौरान  आधा सटर खोल सामग्री बेचने में मशगूल रहे हैं इन जैसे व्यापारियों के ऊपर प्रशासन की नजर नहीं पड़ी जिसके कारण भी ग्रामीण अंचलों में कोरोनावायरस का संक्रमण बड़े तेजी से फैलने लगा है

सब्जी फल वाले भी बस स्टैंड चौक में भीड़भाड़ लगाकर धंधा कर रहे हैं और कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहे है जबकि शासन के दिशा निर्देश के मुताबिक 24 अप्रैल से सब्जी फल अंडे तथा राशन को ठेले में घुमा कर तथा होम डिलीवरी देने की शर्त पर छूट दी गई है परंतु इन सब नियम कानून को ताक पर रखकर संक्रमण को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है इनको रोकने टोकने वाला जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं देखा जा रहा है।
यदि बात करे
पुलिस प्रशासन की तो पुलिस की भूमिका इस पूरे लॉकडाउन में महज दिखावा ही साबित हुई है उपस्थिति दर्ज कराने जैसा ही रहा जिससे गली-मोहल्लों में आवारा किस्म के लोगों का जमावाड़ा क्षेत्र में मोटरसाइकिल एंव चार पहिया वाहनों से बेखौफ बिना फेस मास्क के घूमते हुए देखे जा रहे हैं।पेटरोलिग के नाम पर महज़ खानापूर्ति की जा रही है।
जनपद पंचायत की भूमिका भी नगण्य साबित हुई है प्रत्येक ग्राम पंचायतों में दूसरे जिला एवं प्रदेशों से आने वाले ग्रामीणों को कोविड की जांच कर 15 दिवस के लिए क्वारंटाइन किया जाना था परंतु जनपद पंचायत के सुस्त कार्य प्रणाली के कारण लाकडाउनआदेश का पालन किसी भी पंचायत में बुनियादी तौर पर नहीं किया गया । दूसरे प्रांतो जिला से गांव तक आने वाला कोई भी व्यक्ति बेधड़क आकर अपने घर एवं आसपास में लोगों को संक्रमित कर रहा है उक्त प्रवासी व्यक्ति का जांच कराया जाना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है
जिससे स्पष्ट होता है कि लगाए गए लॉकडाउन नियम के पालन कराने में जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी कर्मचारी असमर्थ हैं तथा कोरोना के बढ़ते संक्रमण की इस चैन को तोड़ने के बजाय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं सरगुजा कलेक्टर के द्वारा लगाए गए लॉकडाउन नियम का सिर्फ मखौल उड़ाया जा रहा है । यदि बात की जाए क्षेत्र में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के आंकड़े की तो जिला प्रशासन के द्वारा लगाए गए
लॉक डाउन के दौरान दस दिनों में मिले आंकड़ों के आधार पर कॉविड से संक्रमित लोगों की संख्या इसप्रकार है 13 अप्रैल से 23 अप्रैल के मध्य लगभग 288 लोग कॉविड से संक्रमित हुए हैं जबकि 1 अप्रैल से 12 अप्रैल के मध्य लगभग महज 81 लोग संक्रमित थे

1-बयान -सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर बीएमओ डॉक्टर पीएस केरकेट्टा ने बताया कि में 26 677 लोगों का कोविड-19 आरटी पीसीआर ,टू नाट, एंटीजन मेथड से टेस्ट कराए गए जिसमें अभी तक 953 लोग संक्रमित पाए गए जिसमें वर्तमान में एक्टिव 383 लोग का उपचार किया जा रहा है तथा 632 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

राजस्व अमला के क्षेत्र के एसडीएम अनिकेत साहू के द्वारा कई बार मोबाइल संपर्क किए जाने के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया जिसके कारण उनकी पक्ष नहीं रखी जा सकी

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