बैकुन्ठपुर कोविड हास्पीटल में ऑक्सीजन खत्म, बाल बाल बची 47 मरिजो की जान

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


देष भर में आक्सीजन की कल्लत के बाद अब कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के कंचनपुर में स्थित 100 बेड वाले कोविड केयर सेन्टर में गुरुवार की सुबह आक्सीजन खत्म हो जाने के कारण आस्पताल में जिन्दगी की जंग लड रहे 90 भर्ती मरिजो में से 47 मरिज जिनकी सांसे आक्सीजन ने थाम रखी है उनकी लिए आक्सीजन की कमी होने के कारण जान बाल बाल बची।
बताया जा रहा है कि बैकुन्ठपुर में पडोसी जिले सूरजपुर से कोविड केयर सेन्टर में आक्सीजन की सप्लाई की जाती है। किन्तु गुरुवार की सुबह सुरजपुर से नही पहुॅच पाने के कारण मरिजो की जान जाते जाते बची । जब जिले के कलेक्टर और विधायक गुलाब कमरो ने सुरजपुर जाकर फैक्टी मलिक को समझा बुझाकर आक्सीजन देने के लिए मना लिया और 22 सिलेन्डर आक्सीजन लेकर वाहन बैकुन्ठपुर कोविड सेन्टर समय रहते पहुॅच गया।

अधिक पेशेंट्स होने के चलते बढ़ा प्रेशर


मिली जानकारी के अनुसार बैकुन्ठपुर के कंचनपुर कोविड अस्पताल में यह घटना घटित हुई, वो 100 बेड क्षमता वाला अस्पताल है। वहीं अभी यहां 47 से अधिक लोग ऑक्सीजन पर है। सभी बेड 90 फुल है। इसी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का लगातार दबाव बढ़ रहा है। हर घण्टे के बीच सिलेंडर बदलना पड़ रहा है। लगभग 80 सिलेंडर रोज बदले जा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी की अब पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर चर्चा हो रही है।

अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में


उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय जहा पर जिले के स्वास्थ्य महकमें के सारे कर्ता र्धता मौजूद हैं यदि उस स्थान पर यह हो रहा है तो जिले के अन्य 4 कोविड केयर सेन्टरो का भगवान ही मलिक है। हुई इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सवालों के घेरे में हैं। यह कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन के मेडिकल स्टॉफ की लापरवाही के चलते ही यहां इतनी बड़ी घटना होने से बच हुई है।


अस्पताल प्रशासन का यह है कहना

इधर बैकुन्ठपुर कोविड केयर सेन्टर के प्रभारी डॉ अमरदीप जायसवाल का कहना है कि हमने समय से ऑक्सीजन लेने वाहन सूरजपुर भेज दिया था। वहर से आक्सीजन नही आने के कारण यह स्थित निर्मित हुई। जबकि उनका कहना है कि यदि आक्सीज खत्म भी हो जाता तो हमारे पास 35 आक्सीजन कंसलटेटर हैं और एक दो दिनो में 50 और आने वाले हैं। इसलिए जिस तरह के आरोप अस्पताल लगाए जा रहे हैं, वो ठीक नहीं है। हमारे पास मरीजों को ऑक्सीजन की वैकल्पीक व्यवस्था के तौर पर कंसलटेटर है। जिससे लोगों की जान बचाइ जा सकती है। उन्होने बताया कि हमारे पास अभी 3 बजे की हालात में 28 पुरे भरे सिलेन्डर मौजूद है जबकि 6 सिलेन्डर सप्लाइ में लगे हुए है।

कोरिया में कोरोना का यह है ग्राफ


आपको बता दें कि अब अधिक कोरोना रोगी आने के कारण जहां उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है। वहीं बुद्धवार को भी यहां चैंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। यहां 24 घंटे के भीतर 488 नए कोरोना संक्रमित रोगी सामने आए। वहीं 3 लोगों के मौत की पुष्टि है। गौरतलब है कि बैकुन्ठपुर चिरमिरी और मनेन्द्रगढ में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं।

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