तेज बारिश के बाद बढे सर्पदंश के मामले

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

जिले में बारिश काफि दिनो बाद हुई बारिश से लोगों को अंजान खतरे (जहरीले जीव जंतु) का भय भी सताने लगा है। बीते दिनो में हुई मोटी बारिश से अपने बिलों से बाहर निकलकर लोगों के घरों और रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचकर आमजनों में भय उत्पन्न कर रहे हैं। इन जहरीले जीव जंतुओं के दिखाई देने के बाद आमजनों में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम तामडाढ में 19 वर्षीय युवती को गाय बाॅधने के दौरान गौशाला में साॅप के डसने की खबर आ रही है। सर्पदंश के मामले में समय पर उपचार व वैक्सीन मिल जाने से सर्पदंश से पीडित मरीजों का स्वास्थ्य ठीक है। चिकित्सक भी सर्प दंश के मामलों में झाडफूंक व अन्य दिहाती उपचार न करने की सलाह देते हैं। चिकित्सकों के अनुसार जहरीले जीव के काटने के बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचकर वैक्सीन लगवाए। इससे जहर असर नहीं करता और आसानी से उपचार हो जाता है।

सावधानी से टाले खतरा


वन्य जीव विशेषज्ञ व सर्पीवारी की माने तो जिले में पाए जाने वाले सर्पो की प्रजाति में अधिकांश विषधारी व खतरनाक नहीं होते हैं। लेकिन कई बार इन्हें देखकर ही लोग भयभीत हो जाते हैं और इन पर हमला कर देते हैं। ऐसे में कोई भी शांत जीव भी अपने बचाव करने काटने का प्रयास करता है, जहरीले जीव के काटने के भ्रम से ही कुछ लोगों की तबियत खराब हो जाती है। जबकि ऐसे जीवों को न छेड़ते हुए उन्हें अपने रास्ते जाने दें।

झाड़फूंक के फेर में जाती है जान


सांप डसने पर पीड़ति को जल्द से जल्द नजदीक के अस्पताल ले जाना चाहिए । लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। अंधविश्वास और अज्ञानता के फेर में कुछ लोग सांप काटने के बाद पीडित के इलाज के लिए झाड़फूंक का सहारा ले रहे हैं। ऐसे ज्यादातर मामलों में मरीज की जान खतरे में पड़ रही है। जिला अस्पताल के डाॅक्टर कहते हैं कि झाड़फूंक से सांप काटने का इलाज नहीं हो सकता। यह कोरा अंधविश्वास है। इसमें पीड़ति की जान जाने का खतरा होता है।

सांप की 13 प्रजातियां हैं जानलेवा


सांप डसने से दुनियाभर में होने वाली मौतों की संख्या में भारत सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर साल 83,000 लोग सांप के दंश का शिकार होते हैं और उनमें से 11,000 की मौत हो जाती है। मौत का सबसे बड़ा कारण है तुरंत प्राथमिक उपचार न होना। भारत में सांपों की लगभग 236 प्रजातियां हैं। इनमें से ज्यादातर सांप जहरीले नहीं होते। देश में जहरीले सांपों की 13 प्रजातियां हैं, जिनमें से चार बेहद जहरीले होते हैं- कोबरा (नाग), रस्सेल वाइपर, स्केल्ड वाइपर और करैत। देश में सबसे ज्यादा मौतें नाग या गेहुंवन व करैत के काटने से होती हैं। जबकि कोरिया जिले में मौत के अधिकांश मामले करैत के काटने से सामने आते हैं।

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