तहकीकात न्यूज @ प्रशांत . बतौली
बतौली पुलिस ने साइबर सेल की मदद से तीन माह पहले बतौली के बगीचा चौक के एक खाद विक्रेता से ठगी करने के मामले में मास्टरमाइंड को हरियाणा बल्लभगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है ।इस मामले में तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बताया जा रहा है कि आरोपी पत्थलगांव के एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर ठगी करने के कई मामलों में संलिप्त है। शातिर अंदाज से दोनों ठगी करते थे ।गिरफ्तार आरोपी हरियाणा से ही ऐसे कारनामों को अंजाम देने के लिए योजनाएं बनाता था। बतौली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा के अलावा 420 भारतीय दंड विधान की धारा के तहत आरोप पंजीबद्ध कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार बीते 19 जून को बतौली बगीचा चौक के खाद विक्रेता अंकित गर्ग को सुमित अग्रवाल संचालक विजय ट्रेडर्स अंबिकापुर का पता बताकर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया था, जिसमें खाद बेचे जाने का सौदा किया गया था। 20 जून को सुबह एक जेस्ट कार बगीचा चौक स्थित दुकान पर आई थी और ड्राइवर ने अंकित गर्ग को बताया था कि माल लोड कर लिया गया है और कुछ ही देर में डिलीवरी कर दी जाएगी। माल के बदले वे एक लाख का पेमेंट कर दें ।इस मामले में अज्ञात व्यक्ति ने खुद को सुमित अग्रवाल बताकर एक लाख देने के लिए फोन भी किया था ।अंकित गर्ग द्वारा राशि दिए जाने के बाद भी शाम तक जब डिलीवरी नहीं हो पाई तो ठगी किए जाने का अंदाजा अंकित को हुआ था। इस संबंध में सुमित अग्रवाल से पूछे जाने पर उन्होंने साफ कहा था कि खाद बेचे जाने का किसी भी प्रकार का सौदा उनकी दुकान से नहीं हुआ है ।इसके बाद बतौली पुलिस में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तभी से पुलिस मुख्य आरोपी की पतासाजी कर रही थी ।छानबीन में यह पता चला था कि ड्राइवर विजय प्रकाश यादव भटगांव क्षेत्र का रहने वाला है और राहुल ट्रैवल्स में ड्राइवरी का काम करता है। पुलिस ने उसके खिलाफ भी प्राथमिक जांच के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो पा रही थी। इस संबंध में थाना प्रभारी सुनील केरकेट्टा ने बताया कि ठगी किए जाने के प्रकरण में पत्थलगांव के एक अन्य आरोपी का नाम भी शामिल है ।इसके अलावा मास्टरमाइंड की तलाश भी जारी थी। जिस खाते में पैसे डाले गए थे उसे तत्काल ही ब्लॉक कर दिया गया था जिससे पैसे की निकासी संभव नहीं हो पाई थी। जिस खाते में ठगी करने के बाद ड्राइवर ने राशि ट्रांसफर की थी उसमें खातेदार का नाम प्रदीप दर्ज था और जेस्ट कार बुकिंग के वक्त बंटी शर्मा नाम राहुल ट्रेवल्स को बताया गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि मास्टरमाइंड लगातार नंबर बदलकर ठगी किया करता था ,लेकिन इस बार उससे बड़ी गलती हो गई। उसने सिम लेते समय अपना वास्तविक आधार कार्ड जमा किया था जिससे ही उसके मूल घर का पता चल पाया था ।बतौली पुलिस के साथ साइबर सेल के अधिकारियों की मदद से एक विशेष टीम पिछले दिनों सिम लेते समय दिए गए आधार कार्ड में दर्ज पता के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा के लिए रवाना की गई थी ।आधार कार्ड में जो पता अंकित था वहां जाकर पतासाजी करने पर जानकारी मिली कि मास्टरमाइंड ने वह मकान सात साल पहले ही बेच दिया है और उसके पिता की मृत्यु हो गई है। आसपास के लोगों से पता करने और फोटो दिखाने पर यह पता चल पाया कि बल्लभगढ़ फरीदाबाद में ही मुख्य आरोपी शादियों में दी जाने वाली गाड़ी चलाने का काम करता है ।इस जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम ने आसपास के ट्रैवल एजेंसी में पूछताछ की और यह पता लगा कि फरीदाबाद से आगे पलवल में इजी ट्रैवल्स शादियों में महंगी गाड़ियां उपलब्ध कराते हैं ।वही मुख्य आरोपी ड्राइवर के रूप में काम करता था ।पुलिस ने घेराबंदी कर विशेष योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल आरोपी पर धारा 420 भारतीय दंड विधान के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दिया गया है।
एक साल पहले से थी दोस्ती
थाना प्रभारी सुनील केरकेट्टा ने बताया कि मुख्य आरोपी और पत्थलगांव के एक अन्य आरोपी की दोस्ती एक साल पहले से शुरू हुई थी। दोनों की मुलाकात दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई थी। ऐशो आराम की जिंदगी जीने के लिए दोनों योजनाबद्ध तरीके से ठगी करते थे ।बतौली के अलावा सूरजपुर, बचरा पौड़ी,कांसाबेल और पत्थलगांव में भी दोनों ने ठगी के मामले अंजाम दिए हैं ।हरियाणा से ही मुख्य आरोपी योजनाएं बनाता था और स्थानीय होने के नाते पत्थलगांव का आरोपी उसे अंजाम दिया करता था। बतौली पुलिस की इस बड़ी कामयाबी में थाना प्रभारी सुनील केरकेट्टा, प्रधान आरक्षक देवनारायण नेताम, आरक्षक सुरेश यादव, आरक्षक शाहबाज अंसारी, आरक्षक नंदकिशोर यादव के अलावा साइबर सेल में पदस्थ भोजराज पासवान की प्रमुख भूमिका रही है।

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