किसानों के मुद्दों पर भाजपा का राज्यभर में जंगी धरना-प्रदर्शन, राजधानी में राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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72 घण्टे में भुगतान वाले मोदी जी के किसान हितैषी कानून से किसानों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पाने वाली भूपेश सरकार को डर लग रहा हैं- विष्णुदेव साय

भाजपा नेताओं ने आड़े हाथों लेकर प्रदेश सरकार के किसान व विकास विरोधी भ्रष्ट राजनीतिक चरित्र पर जमकर हमला बोला प्रदेश सरकार 01 नवंबर से हर किसान का प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदने की घोषणा करे, दो साल का बकाया बोनस भी दे

तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क .  रायपुर 

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने दुहराया है कि केंद्र सरकार के फैसलों का पूरा लाभ किसानों को देकर प्रदेश सरकार इस वर्ष धान ख़रीदी का काम भाजपा शासनकाल की तरह ही 01 नवंबर से प्रारंभ करे और पिछले वर्ष की तरह किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार न करे। प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदे जाने की मांग करते हुए भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेढ़ गुना ज़्यादा चावल केंद्रीय पूल में लेने का फैसला किया है, प्रदेश सरकार अब ईमानदारीपूर्वक किसानों के साथ किए गए अपने सभी वादों को पूरा करे। विदित रहे, भाजपा प्रदेश इकाई के आह्वान पर बुधवार को किसानों से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश सरकार को झकझोरने के लिए और किसानों के साथ हो रहे अन्याय के ख़िलाफ़ प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। राजधानी में धरना देने के बाद राजभवन पहुँचकर भाजपा ने राज्यपाल अनुसुइया उईके को ज्ञापन सौंपा।

राजधानी रायपुर में भाजपा ने धरनास्थल पर धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार को उसके किसान विरोधी चरित्र के लिए भाजपा नेताओं ने आड़े हाथों लिया और प्रदेश सरकार को आगाह किया कि वह किसानों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील होकर काम करे ताकि किसानों का जीवन ख़ुशहाल हो सके। ट्रैक्टर पर सवार होकर धरनास्थल पहुँचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज हम किसान विरोधी कांग्रेस सरकार के खिलाफ में धरना दे रहे हैं। आज पूरे प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालय में भाजपा के कार्यकर्ता किसान विरोधी कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। हमारा देश किसानों का देश है और हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यह दुर्भाग्य की बात है कि 60 साल तक कांग्रेस के राज में किसानों को कांग्रेस ने दिनो-दिन प्रताड़ित कर उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किसानों के हित में क्रांतिकारी निर्णय लेने का काम किया है, तब किसानों का शोषण करने वाली कांग्रेस विरोध कर रही हैं। श्री मोदी ने गांव, गरीब और किसान की चिंता की है। आज प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, नीम कोटेड यूरिया, फसल बीमा योजना, सेठ-महाजन से मुक्ति, किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसान की आय दुगुना करने का प्रयास कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार लगातार किसान विरोधी कार्य कर रही है। यह सरकार झूठ बोलकर, प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को ठगकर सत्ता में आई है। प्रदेश के किसानों का पिछले साल का अब तक भुगतान नहीं करने वाली सरकार मोदी सरकार की किसान हितैषी कानून का किस मुंह से विरोध कर रही हैं। भूपेश सरकार क्या किसानों की राशि का भुगतान करने की नीयत नहीं रखती? क्यों घबराहट हो रही हैं? 72 घण्टे में भुगतान वाले मोदी जी के किसान हितैषी कानून से किसानों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पाने वाली भूपेश सरकार को डर लग रहा हैं। ऐसे तो किसान हित की बात करने वाले कांग्रेस के नेता डरें नहीं बताएं की किसानो की बकाया राशि का भुगतान कब करेंगे? इस साल की धान खरीदी के 72 घण्टे के अंदर प्रदेश के किसानों के खाते में उनके हक की राशि पहुंचाने की समुचित व्यवस्था करें। 25सौ रुपए में धान खरीदी, कर्ज माफी, शराब बंदी, रोजगार, बेरोजगारी भत्ता जैसे अनेक झूठे वादे करने वाली यह सरकार अब फेल हो चुकी है। श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वादे के मुताबिक़ दो साल का बकाया बोनस भी किसानों को दे।

धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जब हम किसानों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं, तब कांग्रेस के लोग हाथरस पर धरना दे रहे हैं। क्या इन्हें छत्तीसगढ़ के सरगुजा का बलरामपुर नहीं दिख रहा, क्या इन्हें बस्तर का कोंडागांव नहीं दिख रहा? कैसी संवेदनहीन सरकार है! प्रदेश सरकार और कांग्रेस के नेता पहले अपना प्रदेश देखें, बाद में अन्य राज्यों के मुद्दों पर धरना दें। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब हमारी पार्टी की सरकार थी, तब हम 01 नवम्बर से धान खरीदी करते थे ताकि दीपावली से पहले किसान भाई के घर धान का पैसा मिल जाये। ये सरकार दिसंबर में खरीदी की बात करते हैं। प्रदेश के किसानों को पिछले वर्ष के धान का भुगतान नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जो किसानों के हित में कानून लाया है उसमें तो इस सरकार को जेल में होना चाहिए। इस क़ानून में किसानों को उनकी उहज के मूल्य का 72 घंटे में भुगतान का प्रावधान है और प्रदेश की यह कांग्रेस सरकार इस किसान हितैषी बिल का विरोध कर रही है। श्री अग्रवाल ने कटाक्ष किया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हरेली मनाने की बात करते हैं, लेकिन पहले हमारे किसान भाई के घर-घर में, गाँव-गाँव में हरेली मननी चाहिए। उसके खाते में उसकी उपज के मूल्य की पूरी राशि पहुंचनी चाहिए तब प्रदेश में असली हरेली होगी। गिरदावरी में किसान का रकबा कम करने वाली सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही हैं। भूपेश सरकार केवल शोषण करने वाली सरकार है। श्री अग्रवाल ने कहा कि रेत खनन के लिए प्रदेश सरकार का क्या नियम, क्या क़ानूनून हैं? कोई कानून नहीं! जब कांग्रेस के कार्यकर्ता को पैसा चाहिए तब खनन कर रहे हैं।

प्रदेश के पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि गंगाजल की कसम खाने वाले गंगा जल को भूल गए हैं। आज पूरा प्रदेश पूछ रहा है कि क्या किसानों के साथ, युवाओं, महिलाओं किसी के साथ न्याय हुआ? छत्तीसगढ़ में लगातार दुष्कर्म की घटनाएँ हो रही हैं लेकिन इस विषय पर बोलने के बजाय कांग्रेस के नेता हाथरस पर धरना दे रहे हैं। आज राजधानी में बेख़ौफ़ जुआ-सट्टा और अफ़ीम-कोकीन के नशे का काला करोबार चल रहा है। यह कांग्रेस की कैसी सरकार है? श्री मूणत ने हुँकार भरी कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता मैदान में उतर चुका है। इस प्रदेश सरकार को दोहरी मानसिकता वाली बताते हुए श्री मूणत ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता नियमों का उल्लंघन कर आंदोलन करें तो कोई कार्रवाई नहीं होती, पर भाजपा कार्यकर्ता नियमों का पालन करें तब भी उन पर कार्रवाई और एफआईआर की जा रही है। यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और ऐसी दोहरा मानसिकता वालों की ईंट से ईंट बजा देंगे।

पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह कांग्रेस की चोर सरकार, तस्कर सरकार, लुटेरी सरकार, जुआरी सरकार के खिलाफ धरना है। देश में यदि कहीं खुले आम भ्रष्टाचार हो रहा है तो वह छत्तीसगढ़ में हो रहा है। रेत माफिया सक्रिय हैं, प्राकृतिक संसाधनों का गोरखधंधा चल रहा है। प्रदेश में कांग्रेस का कार्यकर्ता होना चोरी कर, तस्करी कर, माफियागिरी कर बचने का कोड है। श्री चंद्राकर ने प्रदेश सरकार को खुले मंच से किसानों के विषय में बात करने की चुनौती दी। सन 2019 के अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस ने एमएसपी पर घोषणा की थी और आज भ्रम फैला रही हैं। स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट यूपीए के 10 साल के शासन में ठंडे बस्ते में क्यों पड़ी रही? शांताकुमार कमेटी की कितनी अनुशंसाओं से मुख्यमंत्री बघेल सहमत हैं, बताएं। यदि सहमत हैं तो बताएं कि छत्तीसगढ़ में कब लागू करेंगे? 25सौ रुपये में धान खरीदी की बात पूरी तरह सफेद झूठ है। पिछली फसल का भुगतान ही अभी तक नहीं किया। श्री चंद्राकर ने कहा कि नकली बीज, नकली खाद वालों के ऊपर क्या कार्रवाई हुई? एक किसान ने आत्महत्या कर ली, यह कैसी असंवेदनशील सरकार है। भाजपा का कार्यकर्ता एक-एक बटालियन के बराबर है। श्री चंद्राकर ने सवाल किया कि कर्जा-पर-कर्जा लेने वाली यह प्रदेश सरकार कब से धान खरीदी करेगी स्पष्ट करे। छत्तीसगढ़ के लिए जिन लोगों ने नाखून तक नहीं कटाया, वे सरकार में आकर लूट मचा रहे हैं। ऐसे कार्यों के लिए अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य नहीं बनाया है।

इस मौके पर संसद सदस्य सुनील सोनी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू, रायपुर शहर ज़िला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, पूर्व विधायक नंदे साहू, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू, सच्चिदानंद उपासने, राजीव अग्रावाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सूर्यकांत राठौर, केदारनाथ गुप्ता, श्यामसुंदर अग्रवाल, अशोक पांडेय, डॉ. सलीम राज, सत्यम दुवा, सुभाष तिवारी, बजरंग खंडेलवाल, हेमेंद्र साहू, लक्ष्मी वर्मा, मीनल चौबे, शैलेंद्री परगनिया, नवीन शर्मा, राजेश पांडेय, अनुराग अग्रवाल, डॉ. अखिलेश दुबे, अमरजीत छाबड़ा, ललित जयसिंह, गीता ठाकुर, गोपी साहू, अमरजीत छाबड़ा, उमेश घोरमोडे ,जितेंद्र गोलछा, विजय जयसिंघानी, संजूनारायण सिंह ठाकुर, गौरीशंकर श्रीवास, अजय साहू, सुभाष अग्रवाल, आशु चंद्रवंशी, किशोर महानंद आदि उपस्थित थे।

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