र्निमोही ने नवजात बच्ची को मुह में रुई डाल सडक किनारे फेंका मरने, लकड़ी लेने गई महिलाओं की पड़ी नजर बचाया जान

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तहकीकात न्यूज  @ विकास केसरी . बलरामपुर/रामानुजगंज

जाको राखे साइयां मार सके ना कोय” यह कहावत आज चरितार्थ होती दिखी जिस 1 दिन की मासूम बच्चे को मरने के लिए मुंह बांधकर झोला में  रख कर पलटन घाट में छोड़ दिया गया था उस पर लकड़ी काटने गई महिलाओं की नजर पड़ी तो उसे लेकर अपने घर लाय।  देर शाम  बच्ची को रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां स्टाफ नर्सों के द्वारा बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसे पूर्णता स्वस्थ बताया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 3 की सरिता देवी आज लकड़ी लेने दोपहर 12 बजे के करीब पलटन घाट के जंगल में गई थी लकड़ी काटने के बाद वह 4 बजे के करीब लकड़ी को बांधने की तैयारी करी थी इसी दौरान उसकी नजर एक झोले पर पड़ी जिसमें सरसराहट दिख रहा था। वह इसे देखकर डर गई तब उसके साथ में गई राजमती ने हिम्मत करके झोला को देखा तो दोनों की आंखें फटी रह गई झोला में बच्ची का  मुंह बांधकर छोड़ दिया गया था जैसे ही बच्ची का मुंह खोला गया किलकिला कर रोने लगी जिसके बाद तत्काल दोनों ने लकड़ी को वहीं छोड़ कर उसे घर ले आए एवं इसकी सूचना नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल पार्षद विजय रावत अनूप कश्यप एवं राधेश्याम गुप्ता को दी गई व देर शाम बच्ची को रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर तत्काल स्टाफ नर्स शिल्पी कटिहार एवं दीपा दास के द्वारा बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसे स्वस्थ बताया गया बच्ची 2 किलो 310 ग्राम की है।

कान में भरा था बालू मुंह में डाला था रूआ-

1 दिन की बच्ची पर कैसा हैवानियत किया गया था इसे इस बात से समझा जा सकता है कि बच्ची को मारने के उद्देश्य मुंह तो बांध ही दिया गया था वहीं मुंह में रुवा भी डाल दिया गया था वही दोनों कानों में बालू भी भरे हुए थे परंतु विधाता को कुछ और मंजूर था।

उमड पड़ी ममता-

दिन भर मेहनत करके सरिता एवं राजमति ने लकड़ी काटा था जिसे घर लाने की तैयारी थी परंतु जब मासूम बच्ची को देखा तो दोनों की ममता उमड़ पड़ी लकड़ी को वहीं छोड़ तत्काल बच्ची की सेवा में लग गए। बच्ची को घर लाया उसकी सफाई की एवं दूध पिलाया।

चमत्कार की हो रही है चर्चा-

जिस प्रकार एक दिन की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत बर्बरता की गई थी उसके बाद भी बच्ची पूर्णत स्वस्थ है इस चमत्कार की चर्चा पूरे नगर में हो रही है।

महिलाओं के  आंखों से बहने लगे आशु की धारा-

बच्ची के साथ राजमती एवं सरिता के साथ अन्य महिलाएं भी अस्पताल आई जब बच्ची के साथ हुए हैवानियत एवं बर्बरता की कहानी अन्य महिलाओं ने सुनी तो आशु की धारा बहने लगी।

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