तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
सरकारी सिस्टम से अपना हक लेना कितनी मुश्किल है यह बात तब पता चल जाता है जब एक साल से अधिक हो जाने के बाद भी अपनी मा की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए शासन के सरकारी दप्तरो के चैखटो पर सजदा कर चुका है किन्तु आज उसकी आर्थिक हालात यह हो गई कि अब उसे किराने वाले ने भी उधार देने से इंकार कर दिया है। आज हालात तो यह हो गया कि युवक को उसकी मा की मौत के बाद जीवन यापन के लिए मजदेरी करने को विवश होना पड गया है। इस दौरान एक महिने पहले कोरिया कलेक्टर एस एन राठौर ने आश्वस्त किया था कि जल्द ही युवक को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिया जायेगा। किन्तु उनके आश्वाशन के 1 महिने बीत जाने के बाद भी युवक अपना जायज हक नही मिला है।
वही पर सबंधित विभाग के महिला बाल विकास अधिकारी मनोज खलखो ने कहा कि मैं जल्दी कोरिया कलेक्टर कोरिया के पास अनुकंपा नियुक्ति की फाइल लेकर के जाऊंगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति के सारे फॉर्मेलिटीज पूरे कर लिए गए हैं मात्र कलेक्टर साहब का अनुमोदन शेष है। गौरतलब हो कि मामले के संबंध में आवेदक अविनाश लकड़ा का कहना है कि उनकी माता का देहांत सड़क हादसे में हो गया था इसके उपरांत उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति लिए विभाग में आवेदन किया । जिसके बाद से आज तक साल भर बीत जाने के बावजूद भी अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए भटक रहे हैं । गौरतलब हो कि आवेदक की माता रजनी टोप्पो जोकि महिला बाल विकास परियोजना लुंडरा जिला सरगुजा में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थी । जिनका निधन 31-07-2019 को होने के बाद आवेदक ने विधिवत विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। इस दौरान 30/12 /2019 को ने कोरिया जिले में रिक्त पद होने के कारण आवेदक को भृत्त के पद हेतु महिला बाल विकास अधिकारी व कलेक्टर कोरिया को निर्देशित कर दिया था जिसके बाद विभाग के द्धारा फरवरी तक सारी फॉर्मेलिटी कंप्लीट हो जाने के बाद महज एक हस्ताक्षर के लिए मामला अटका कर रखा गया है।
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