तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
भारतीय किचन का सबसे महत्वपूर्ण चीजो में से एक प्याज ने इन दिनो लोगो के आंसू निकाले ही नही बल्कि अब तो लोगो के बजट को तहस नहस कर दिया है। व्यापारियो का कहना है कि माने तो महाराष्ट्र में पिछले दिनों ओलावृष्टि तथा बेमौसम बारिश के चलते प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ में थोक मंडियों में प्याज की आवक प्रभावित हुई है। इसके बाद स्थानीय गल्ला कारोबारी नासिक की बजाय गुजरात का सफेद प्याज मंगवा रहे हैं। इसकी कीमत में 10 रुपये प्रति किलो का अंतर है। लाल प्याज रविवार को स्थानीय बैकुन्ठपुर बाजार में थोक में 50 रुभी लगातार लोगो का खून चूस रहा है। कीमतों में उछाल ने आम आदमी की जेब ढीली कर दी है। उन पर दोहरी मार पड़ रहा है।
बीते 3 माह में प्याज की कीमत रिटेल में लाल प्याज 50 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। आलू-प्याज के थोक विक्रेताओं के अनुसार शहर में सामान्य दिनों में 50 क्ंिवटल रोजाना प्याज की खपत होती है जबकि वर्तमान में केवल 10 क्विंटल अधिकतम ही प्याज की खपत रह गई है। सामान्य दिनों में नासिक महाराष्ट्र से प्याज की आवक होती है। देश में सबसे अच्छे किस्म की प्याज महाराष्ट्र में होती है। स्थानीय मंडी में प्याज की आवक महाराष्ट्र पर ही निर्भर है। बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि के चलते इसकी कीमतों में भारी उछाल है परिणामस्वरूप प्याज कारोबारी नासिक की बजाय गुजरात से सफेद प्याज मंगवा रहे हैं।
15 अप्रैल के बाद कम हो सकते हैं दाम
फसल बर्बाद होने से महाराष्ट्र से प्याज की आवक आधी रह गई है। सामान्य दिनों की तुलना में 25 फीसद आवक ही हो रही है। दाम में अंतर होने से थोक विक्रेता गुजराज से सफेद प्याज मंगवा रहे हैं। आगामी दो माह तक प्याज की कीमतें स्थिर रह सकती है। जबकि स्थानिय फसल 15 अप्रैल में बाजार में आने के बाद दामो में कुछ कमी होने की संभावना जताई जा रही है।
बेहद गुणकारी है सफेद प्याज
प्याज भारतीय कुकिंग रेसिपीज का एक अटूट हिस्सा है। रिसर्च के अनुसार सफेद प्याज बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक है, जिनमें विटामिन सी फ्लेवोनॉयड्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। प्याज में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड कई तरीके की बीमारियों जैसे पार्किंसन, स्ट्रोक और हृदय संबंधित बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। इनके अलावा प्याज में फाइबर, फोलिक एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल एजेंट भी पाए जाते हैं। एलियम या प्याज परिवार की सब्जियों में से प्याज सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है।
सफेद प्याज की मांग कम
बताया जा रहा है कि सफेद प्याज की मांग बाजार में काफी कम है। लाल प्याज से दाम कम होने के बाद भी ग्राहक इसे कम खरीद रहे हैं। वहीं थोक व्यवसायी सफेद प्याज की बिक्री नहीं होने से परेशान हैं। उन्हें सफेद प्याज बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार है। जबकि दाम अधिक होने के बाद भी ग्राहकों पंसद लाल प्याज है।
100 तक पहुॅच चुका था दाम
लाकडाउन व कोरोना काल में लाल प्याज के दाम 100 रुपये पार कर गया था। प्रशासन के सख्ती के बाद दाम कम हुए थे। कुछ दिनों पहले बाजार में प्याज 40 से 50 रुपये हो गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लाल प्याज के दाम एक बार फिर से बढने लगा है। जहां एक और लाल प्याज ने आम जनों का जीना हराम कर दिया है वहीं सफेद प्याज ने राहत देने का काम किया है परंतु सफेद प्याज को लोग पसंद नहीं कर रहे हैं गुजरात का सफेद प्याज स्वादिष्ट नहीं है ।
asd


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