तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने सोमवार को विधानसभा में राज्य का बजट प्रस्तुत किया। जिसमें कृषि, उद्योग, शिक्षा, पेयजल, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्टचर, स्वच्छता व अन्य क्षेत्रों में राशि का प्रावधान किया गया है। बजट को जहां कांग्रेस ने सभी के लिए हितकर व नवा छत्तीसगढ़ गढने की दिशा में मजबूत कदम बताया है तो वहीं भाजपा ने प्रदेश स्तर तथा क्षेत्र के लिए पूरी तरह निराशाजनक बताया है।
अंतिम व्यक्ति तक मिल रहा लाभ
हमारे सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना है और सरकार का बजट इसी के अनुरूप है। सरकार ने मजदूर, किसान, महिला, बेरोजगार हर वर्ग का ध्यान रखा है। रोजगार की भी बात है, यह आम आदमी का बजट है।
अम्बिका सिंह देव – संसदीय सचिव व विधायक बैकुन्ठपुर
सरकार ने खोला खजाना
सरकार ने सोनहत व जनकपुर के लिए बजट में जमकर प्रावधान किया है। तो कृषि क्षेत्र में समुचित विकास, सभी को शुद्ध पेयजल सहित हर वर्ग हेतु छोटी बड़ी बातों को अपने बजट में सम्मिलित किया है। यह बजट जिले के लिए पूरी तरह से हितैषी है।
गुलाब कमरो – सविप्रा उपाध्यक्ष व विधायक भरतपुर सोनहत
समुचित विकास का बजट
प्रदेष के मुखिया नेे स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के समुचित विकास की बात बजट में की। खासकर स्वास्थ्य सुविधा में वृद्धि की बात हो, अथवा उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या में वृद्धि तो वहीं रोजगार देने की बात। यह समुचित विकास का बजट है। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विकास हेतु प्रतिबद्धता जताई है।
डाॅ. विनय जायसवाल – विधायक मनेन्द्रगढ
किसानो का बजट
यह बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। खासकर किसानो के लिए जिले में 1 मोबाईल सहकारी बैंक की सौगात मिली है जो हाट बाजारो में जाकर किसानो को पैसा उपलब्ध करायेगी। वही पर मेरी मांग पर पटना और सोनहत में सहकारी बैंक की षाखा खोले जाने का जाने का बजट में प्रबंध किया गया है।
नजीर अजहर – जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
बजट महज सरकारी औपचारिकता
भूपेष सरकार ने बजट प्रस्तुत कर सिर्फ औपचारिकता निभाई है, बजट में न तो महिलाओं के लिए कुछ है और न ही युवाओं के रोजगार की बात है। सरगुजा के परिपेक्ष्य में बात करें तो हमारे जिले के हिस्से कुछ भी नहीं है। बजट ने निराश किया है।
भैयालाल राजवाडे, पूर्व मंत्री
किसानों को सरकार ने छला
किसानों के लिए बड़े बड़े वादे करने वाली कांग्रेस सरकार ने किसानों को फिर छला है। बजट में न तो किसानों की सम्पूर्ण ऋण माफी का जिक्र है, न ही बकाया धान बोनस देने का। प्रदेश का हर वर्ग इस बजट से नाउम्मीद हुआ है।
ष्याम बिहारी जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा
1 संसदीय सचिव व 1 सविप्रा उपाध्यक्ष फिर भी खाली हाथ
कोरिया में 1 संसदीय सचिव और 1 सविप्रा उपाध्यक्ष होने के बाद होना यह अपसोसजनक है । स्थानीय विधायको पर सवालिया निशान भी लगाता है । यह बजट निराशाओं से भरपूर है। युवाओं की घोर उपेक्षा की गई है।
देवेन्द्र तिवारी, उपाध्यक्ष, भाजपा
निराशाजनक है बजट
कोरिया के लिए बजट निराशाजनक रहा। चुनाव से पहले कांग्रेस ने 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपए देने का वादा जन घोषणा पत्र में किया था, परंतु बजट में इसका कोई जिक्र तक नहीं किया गया है। सरकार का यह बजट महज छलावा है। रेत उतखनन मे बंदरबाट से लेकर जंगल में बसे लोगो को सरकार उजाडने का प्रावधान कर रही है।
चंपा देवी पावले, पूर्व विधायक भरतपुर सोनहत
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