तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
भाजपा के पूर्व श्रममंत्री भैयालाल राजवाडे का कहना है कि इस समय प्रदेष की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। प्रदष्ेा में धीरे धीरे जंगलराज कायम होता जा रहा है। राजवाडे ने प्रदेष की भूपेष सरकार तर तंज कसते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा जिले में एक मामले की विवेचना करने पहुँची पुलिस पर आरोपी परिवार के लोगों द्वारा एकाएक किए गए हमले के मामले में लगभग साढ़े तीन माह बाद हुई गिरफ्तारी पर हैरत होती है। यह प्रदेश सरकार और गृह मंत्रालय की लचर कार्यप्रणाली का शर्मनाक नमूना है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार जब अपने पुलिस जवानों की ही सुरक्षा के मामले में नाकारा हो चली है तो आम लोगों की सुरक्षा की उम्मीद रखना बेमानी ही है। इस समय सत्ता-संरक्षण में पनप रहे अपराधों ने पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल निर्मित कर रखा है।
कानून के राज का खौफ पैदा करने में बुरी तरह विफल इस प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को कदम-कदम पर असुरक्षा के भाव से दहशत जदा कर रखा है। जांजगीर-चाँपा जिले की वारदात इस बात को रेखांकित करती है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर लापरवाही की इंतिहा कर रही है। पुलिस टीम को ही अपनी जान बचाकर भागने की नौबत जिस प्रदेश सरकार के शासनकाल में आ जाए तो ऐसी निकम्मी सरकार को एक पल भी सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं रह जाता है।
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी में साढ़े तीन महीने का समय लग जाना भी हैरतभरा है। इससे यह आशंका की पुष्टि होती है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और इसलिए आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सरेआम मारपीट, हमले जैसी वारदात करके लोगों में अपनी दहशतगर्दी का जंगलराज चला रहे हैं। मामले को चरमराती कानून-व्यवस्था एक नमूना बताते हुए भैयालाल ने कहा कि अमूमन पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को इसी तरह खुली चुनौती दी जा रही है और स्मार्ट पुलिसिंग की जुमलेबाजी में मशगूल प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू इन अपराधों के इजाफे को कानून-व्यवस्था का मसला मानने को तैयार ही नहीं हैं।
जिस तरह से पूरे प्रदेश में पुलिस पर लगातार हमला होने की खबरें आम हो रही है इससे अब यह मांग उठने लगी है कि पुलिस सुरक्षा कानून बनाया जाए। लगातार बढ़ते घटनाओं से पुलिस भी व्यथित है और प्रदेश की कांग्रेस सरकार की तरफ से कोई कठोर कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस का हाथ अपराधियों के साथ तो नहीं है।
सकरिया विवाद पर बोले भैयालाल
वहीं पर जिले के बैकुन्ठपुर विधानसभा अंतर्गत सकरिया में बीती रात राम कथा में आयोजकों के निमंत्रण पर शामिल होने गए पूर्व श्रम मंत्री ने उपजे विवाद के संबंध में बताया कि मैं बीती रात सकरिया के दुर्गा पंडाल के पास आयोजित हो रहे रामकथा में शामिल होने गया था। इसके उपरांत कुछ लोगों के द्वारा जानबूझकर कथा का माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य उपद्रव करने का प्रयास किया गया । जिसकी सूचना मेरे द्वारा खडगवा थाने के थाना प्रभारी को फोन द्वारा दिया । उन्होंने बताया कि मामले में ग्रामीणों के आपसी मनमुटाव के कारण उत्पन्न हुआ। उन्होने साफ कहा कि सकरिया के मामले को पूर्व और वर्तमान विधायक से जोड़ कर राजनीतिक रंग देने के प्रयास किया जा रहा है। जिसे मैं खारिज करता हॅे। ऐसा कोई बात नहीं है प्रदेश में इमरजेंसी नहीं लगी हुई है कि कोई किसी की तारीफ नहीं कर सकता है गौरतलब हो कि पूर्व श्रम मंत्री लगातार अपने विधानसभा में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
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