फसलों व फल-सब्जी के लिए ऋण पर सरकार ने दी किसानो को राहत

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

कोरोना महामारी के बीच किसानों के लिए प्रदेश की भूपेश सरकार बडी राहत लेकर आई है। किसानों को फसल उत्पादन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं फसल की लागत को कम करने के लिए किसानों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न फसलों के लिए ऋण दर तय कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि किसानों को खरीफ-रबी फसलों, फलदार वृक्षों, साग-सब्जियों, मसालों एवं उद्यानिकी फसलों की खेती करने के लिए शासन द्वारा ऋण प्रदान किया जाएगा। फसल उत्पादन के लिए विभिन्न फसलों के लिए शासन द्वारा प्रदान किए जाने वाले ऋण से किसानों को मदद मिलेगी। किसानों को ऋण प्रदान करने के लिए समयावधि में साख सीमा पत्रक तैयार कर स्वीकृत करने तथा किसानों को समय पर वित्तीय सहायता सुलभ कराने के लिए सभी पंजीयक सहकारी संस्थाएं, राज्य सहकारी बैंक, ग्रामीण विकास बैंक, कृषि विभाग, सहकारी पंजीयक समितियों एवं सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश जारी कर दिया गया है।

वर्मी कम्पोस्ट के लिए भी लोन का प्रावधन


गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट भी किसानों को लोन का प्रावधान किया गया है। वर्मी कम्पोस्ट को समितियों के माध्यम से वस्तु ऋण के अंतर्गत निर्धारित ऋणमान में शामिल किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही किसानों को वर्मी कम्पोस्ट भी ऋण के तौर पर दिया जाएगा।

कृषि यंत्रो के लिए भी दिया जायेगा ऋण


खरीफ एवं रबी फसलों के लिए अदायगी क्षमता के आधार पर नकद एवं कृषि संबंधी खाद-बीज एवं कृषि यंत्र सामग्री के रूप में ऋण प्रदान किया जाएगा। संबंधित फसलों के लिए निर्धारित कुल ऋण में से 60 प्रतिशत नगद राशि के रूप में एवं 40 प्रतिशत सामग्री के रूप में प्रदान की जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को अल्पकालीन नकद एवं वस्तु ऋण की अधिकतम सीमाएं भी तय की गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड पर अधिकतम ऋण पांच लाख रुपये तय की गई है। इसमें नगद राशि तीन लाख रुपये एवं वस्तु के लिए दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।

खरीफ रबी फसलो के लिए ये है तय

खरीफ वर्ष 2021-22 के अंतर्गत सिंचित धान फसलों के लिए कुल 19 हजार 800 रुपये प्रति एकड़ ऋण किसानों के लिए तय किया गया है। इसी प्रकार धान असिंचित के लिए 14 हजार 400 रुपये प्रति एकड़, अरहर एवं तुअर के लिए 11 हजार रुपये प्रति एकड़, मूंगफली के लिए 13 हजार 200 रुपये कोदो-कुटकी के लिए तीन हजार रुपये, सोयाबीन के लिए 13 हजार 200 रुपये प्रति एकड़ ऋण निर्धारित की गई है। रबी फसलों के लिए गेहूं सिंचित के लिए आठ हजार रुपये गेहूं असिंचित के लिए छह हजार रुपये, धान ग्रीष्म कालीन के लिए 19 हजार 200, चना के लिए आठ हजार रुपये प्रति एकड़ ऋण निर्धारित की गई है।

उद्यानिकी फसलांे के लिए ये हैं नियम

फलदार फसलों में काजू के लिए 16 हजार रुपये, कटहल के लिए 12 हजार रुपये, केला के लिए 60 हजार रुपये, आंवला के लिए 14 हजार 560 रुपये प्रति एकड़ ऋण निर्धारित की गई है। इसी प्रकार साग-सब्जी, मसाला, फूल तथा लाख उत्पादन के लिए ऋणदान का निर्धारण किया गया है। किसानों को फसल उत्पादन में आर्थिक सहयोग के लिए दिए जाने वाले ऋण में आम, अमरूद, संतरा, बेर आदि उद्यानिकी फसलों के लिए नकद एवं वस्तु के रूप में ऋण दिया जाएगा। किसानों को साग-सब्जी के लिए ऋण तथा उनकी अदायिगी क्षमता के आधार पर दिया जाएगा।

लाकडाउन का कृषि पर असर नहीं

जिले के बीते वर्ष 2020के 21 मार्च से कोरोना का दौर चल रहा है। इस वर्ष कोरोना का दौर भी मार्च के अंतिम हफ्ते से शुरू हो गया था। ऐसे में कृषि के कार्य में कोई भी प्रभाव नहीं हुआ है। जिले के हाल ही में किसानों को करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का राजीव गांधी प्रोत्साहन राशि भी दिया गया है। ऐसे में कृषि क्षेत्र को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। वर्तमान में जिले के किसान धान, सोयाबीन समेत गन्ना की फसल की तैयारी कर रहे है।

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