तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
खरीफ के खेती का सीजन आते ही बिना लाइसेंस अवैध खाद, बीज, दवाई बिक्री का कारोबार गांव-गांव में शुरू हो गया है। अवैध कारोबार के बड़े खिलाड़ी बैकुन्ठपुर व पटना के इलाके में अधिक डेरा जमा कर हर साल करोड़ों का व्यापार करते हैं। वही पर सकड़ किनारे बड़े-बड़े गांव में भी बिना लाइसेंस के सीड्स, पेस्टिसाइड, फर्टिलाइजर का बिक्री बकायदा बड़े गल्ला दुकान व छोटे छोटे दुकान की आड़ में चलता है। ब्लाक के जिम्मेदार वरिष्ठ कृषि अधिकारी इस कारोबारियों के जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। जबकि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गांव-गांव में किसानों के बीच संपर्क में रहते हैं। जिले में धान की हर क्षेत्र में अधिक पैदावार होती है वहां पर अवैध बीज कारोबारी किसानों को पूर्व में खाद और बीज उधारी देकर फसल तैयार होने पर डेढ़ गुना वसूली करते हैं।
समिति प्रबंधक भी बेचते है प्राईवेट कम्पनियो के धान बीज
कोरिया जिले के कई समिति प्रबंधकों के संबंध में लगातार शिकायतें आती रहती है कि वे प्राइवेट कंपनियों के धान बेचने में ज्यादा रुचि रखते हैं । शासन के धान बीज बेचने के बजाय बताया जाता है कि मोटे कमीशन के लालच में समिति प्रबंधकों के द्वारा इस तरीके का कारोबार किया जाता है और इसके लिए बकायदा किसानों से अपने पहचान का इस्तेमाल कर उन्हें प्राइवेट कंपनियों के दान बीज लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसी बहाने समिति प्रबंधकों को जहा कमीशन के तौर पर मोटी आमदनी होती है वहीं पर विदेश ट्रिप पर जाने का सौभाग्य भी प्राप्त होता है । ऐसा नहीं कि बड़े अधिकारियों को समिति प्रबंधकों की इन करतूतों की जानकारी नहीं है किंतु इसके बावजूद भी इस तरीके का कार्य किया जाना लगातार विगत 5-6 वर्षों से जारी है।
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