तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
बैकुन्ठपुर में यूं तो हर दिन सघन ट्रैफिक के कारण आवागमन बदहाल रहता है, जिसे दुरुस्त करने के लिए यातायात पुलिस ने विगत सालो में जद्दोजहद करना ही छोड दिया है। इन सभी के बीच शहर के पुराना पूरे शहर के सभी चैक चैराहो पर नाबालिग बालक बालिकाओ के फर्राटेदार दो पहिया का चालन कर रहे हैं। खासकर शाम के समय चेर से सलका तक एवं गढेलपारा की सडक पर आवागमन करने वाले लोग को सड़क दुघर्टना का शिकार होने के भय के माहौल बना रखा हैं।
इन नाबालिग बाइक चालकों से आम जनता परेशान रहती है, वहीं कुछ चालक जांच में पकड़ाते हैं। बावजूद इसके उन पर कोई असर नहीं होता है। वही नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद यातायात विभाग की कार्रवाई न के बराबर हो गई है। नाबालिग न केवल आवागमन में परेशानी पैदा कर रहे हैं बल्कि खुद भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। खासतौर से स्कूली बच्चों को दुपहिया वाहन दौड़ाते हुए देखा जा सकता है। नियम मुताबिक निर्घारित आयु पूरी किए बगैर वाहन चलाने की अनुमति नही है।
परिजन भी कम जिम्मेदार नहीं
बच्चों को वाहन देने में उनके परिजन भी कम जिम्मेदार नहीं है। उनको कार और बाइक सौंप दी जाती है। बच्चों के हाथ में वाहन आते ही वे फर्राटे भरने लगते हैं। रफ्तार देख लोग भौचक्के रह जाते हैं। देखा जाए तो यह रफ्तार का कहर कई बार सड़क दुर्घटना के रूप में नजर आ चुका है। फिर भी पालक द्वारा बे फिक्र होकर नाबालिग बालक व बालिकाओं के हाथ में बाइक थमा रहे है। नाबालिग बाइक गैंग द्वारा शहर की सडको को रेस कोर्ट की तरह इस्तेमाल करते है इससे इन मार्गो में आवागमन करने वाले लोग भयभीत रहते हैं।
लडकिया भी नही दौड़ में पीछे
शहर नाबालिग लडकिया भी लडकोे से कम नही है जिसमे स्कूल, कोचिंग जाने के लिए बालिकाएं फर्राटे से हवा में दौड़ाते हुए स्कूटी का चालन कर रहे है। जिन्हें देखकर राहगीर भी भौंचक हो जाते है। यहां यह बताना लाजमी होगा कि पूर्व में स्कूल व कोचिंग संस्थान के पास लगातार पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती थी लेकिन जब से नए कानून को अमलीजामा पहनाया गया है तब से कार्रवाई शहर की सड़कों से गायब हो गई है।
ये है नियम
परिवहन विभाग के मुताबिक 16 साल या इससे ऊपर के बच्चों का ही वाहन का लाइसेंस बनाया जाता है। यह लाइसेंस भी 50 सीसी इंजन तक का बनता है। यानि बच्चो मोपेड ही चला सकते है। बिना लाइसेंस के वाहन चलाना गलत है। 18 साल की उम्र होने पर ही दुपहिया या चैपहिया वाहन का लाइसेंस बनाया जा सकता है। नाबालिग के बिना लाइसेंस के पकड़े जाने पर यातायात पुलिस 1500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
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