Baikunthpur @ Tahkikat News
बार-बार खाद्य सामग्रियों कीमतों में बढ़ोतरी होने का सीधा असर घर के बजट पर पड़ता है। दिनों दिन बढ़ती महंगाई के इस दौर में यदि खाद्य सामग्रियों की कीमतों में जरा सा भी इजाफा हो जाए तो इससे मध्यम और निम्न वर्ग लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। एक बार फिर से खाद्य तेलों की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। खाद्य तेल की बढ़ती कीमत से आम जनता काफी त्रस्त है। लोगों का कहना है कि खाद्य सामग्रियों की कीमतों में स्थिरता होनी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से गृहिणियां काफी परेशान हैं।
एक दिन पहले ही फिर से खाद्य तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हो गई है, इससे सभी परेशान हैं। गृहणीयो का कहना है कि खाद सामग्रियों की कीमतों में स्थिरता होनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। बार-बार रेट में उतार-चढ़ाव होने से घर का बजट गड़बड़ा जाता है। हाल के कुछ सालों में इस तरह का उतार-चढ़ाव बार-बार हो रहा है। पहले कीमतों में बढ़ोतरी कई सालों बाद होती थी, लेकिन अब इसका कोई ठिकाना नहीं रह गया है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप कर कर खाद्य सामग्रियों की कीमतों पर लगाम लगानी चाहिए, ताकि लोग परेशान न हो।
गौरतलब हो कि बैकुन्ठपुर में 10 दिन पहले रिफाईन ते के दाम 145 थे जो अब बढके 150 से 155 रु तक हो गये हैं वही पर सरसो तेल जोकि 165 पर था अब 170 रु की दर से बिक रहा है। किराना व्यापारीयेा की माने तो खाद्य तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। 10 दिन पहले ही खाद्य तेलों की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब अधिक कीमत पर ग्राहकों को तेल बेचना पड़ रहा है। सोयाबीन, राइस ब्रांड, जैसे अन्य तेल की कीमतों 5 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो गई है।
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