- जनपद पंचायत खड़गवां में स्थापित एकलव्य विद्यालय के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का हुआ आयोजन.
- तहकीकात न्यूज @ अयुब अंसारी . चिरमिरी
राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आदिवासी भाइयों को मजबूत करने उनको जमीन से उठा कर सरकार का हिस्सा बनाने का काम दिखाई दे रहा है । केवल आप अपने समाजिक कार्यकर्मो को मना कर खुश हो इससे यह समाज कभी ऊपर नहीं हो सकता उनको शिक्षित होकर कलेक्टर, वकील, डॉक्टर, पुलिस, बन कर अपने समाज को मजबूत करने की सोच ही हमारे समाज को मजबूत करगी उक्त बाते मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ.विनय जायसवाल विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत खड़गवां में स्थापित एकलव्य विद्यालय में आयोजित आदिवासी समारोह में कही सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरवात सविधान दाता डॉ. भीम रॉव आंबेडकर जी के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई । - कार्यक्रम की शुरवात में मुख्य अतिथिति के अगुवाई में छत्तीसगढ़ के चिन्हारी के गीत पर अपना अविनंदन करते हुए की गई । मुख्य अतिथिति विधायक डॉ.विनय जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा की हम सभी 9 अगस्त को प्रतिवर्ष अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विश्वभर में आदिवासी समुदाय के लोग, आदिवासी संगठन और संयुक्त राष्ट्र व कई देशों की सरकारी संस्थानों के द्वारा परिचर्चा, नाच-गान और सामूहिक समारोह का आयोजन किया जाता है। 9 अगस्त 1995 को पहली बार विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया गया था। यह दिवस दुनियाभर में आदिवासियों का सबसे बड़ा दिवस है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है । यह तारीख आदिवासियों के लिए क्या महत्व रखता है आदिवासी दिवस मनाने की परंपरा कहां से शुरू हुई संयुक्त राष्ट्र ने विश्व आदिवासी दिवस की घोषणा क्यों की विश्व आदिवासी दिवस मनाने का क्या उद्देश्य क्या है इसकी जानकारी हम सभी को होनी चाहिए इसके लिए हम सभी को शिक्षित होकर आगे आना होगा ।
विश्व के 195 देशों में से 90 देशों में 5,000 आदिवासी समुदाय हैं, जिनकी जनसंख्या लगभग 37 करोड़ हैं। उनकी अपनी 7,000 भाषाएं हैं। लेकिन इनके अधिकारों का सबसे ज्यादा हनन होता रहा है। इसी को मद्देनजर रखते हुए विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जिसका मूल उद्देश्य है आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बढ़ावा को सुनिश्चित करना। इसके अलावा खासकर विश्व के पर्यावरण संरक्षण में आदिवासियों के योगदान को चिन्हित करना।
विश्व आदिवासी दिवस दुनियाभर के आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और उन्हें बढ़ावा देने का दिन है। इसलिए प्रतिवर्ष 9 अगस्त को हमें अपनी एकजुटता, अपने अधिकारों के लिए संघर्ष और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित चाहिए। इस दिन हमें घोषणा करना चाहिए कि हम आदिवासी अपनी मातृभूमि के प्रथम निवासी है। यहां की जमीन, इलाका और प्राकृतिक संसाधनों पर हमारा पहला हक है। कार्यक्रम को और भी वक्ताओं ने संबोधित किया और सभी ने अपने अपने तर्क पर विश्व आदिवासी दिवस की जानकारी दी । कार्यक्रम में एकलव्य विद्यालय में अध्यन रथ छात्राओं ने छत्तीसगढ़ की लोक गीत सुवा और कर्मा में नृत कर उपस्थित लोगो का मन मोह लिया कार्यक्रम में विधायक विनय जायसवाल के द्वारा समाज प्रमुखों को साल श्रीफल देकर उन्हें सम्मानित किया राज्य सरकार द्वारा जारी उनके जाति निवास, ऋण पुस्तिका, राशन कार्ड का वितरण कर उन्हें शासन की योजना का लाभ लेने की बात कही ।
कार्यक्रम के आयोजन पर मुख्य रूप से ब्लाक अध्यक्ष मनोज साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी ओमकर महाराज.आदिवासी नेता युधिस्ठिर कमरों. सांसद प्रतिनिधि अशोक श्रीवास्तव, जनपद उपाध्यक्ष भूमेश्वर साहू, विधायक प्रतिनिधि प्रेम लाल,गुरु देव पाण्डेय, चिरमिरी ब्लाक अध्यक्ष सुभाष कश्यप,एल्डर मेन बलदेव दास, पार्षद रज्जाक खान, महिला एल्डर मेन कुमारी निर्मला, वरिष्ठ कांग्रेसी राजू सिंह, एसडीएम पीवी खेस,तहसील दार विभोर यादव,सीईओ मूल चंद चोपड़ा ,कृषि विभाग से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हर्ष अहिरवार , तहसील दार भगवन दास कुशवाहा. ब्लाक शिक्षा अधिकारी द्वारिका मिश्रा,थाना प्रभारी विजय सिंह, बीएमओ डॉ.एस कुजूर सहित सरपंच सचिव के साथ भारी में जनप्रतिनिधिगण. कर्मचारीगण. ग्रामीण जन उपस्थित रहे ।
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