दिखाया आईना…..2013 में महंगाई डायन चिल्लाने वाले भाजपा की मौसी बनी

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Baikunthpur @ Tahkikat News


रसोई गैस सिलेंडर के बढ़ती महंगाई पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कोरिया जिलाध्यक्ष मुख्तार अहमद ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ’सबका साथ, सबका विकास’ का नारा खूब लगाया जाता है, लेकिन हकीकत में भाजपा केवल कुछ पूंजीपतियों का साथ और उनके विकास पर ही काम करती है।’ जनसामान्य की तकलीफों को कम करने के बजाय वह उनमें और बढ़ोत्तरी करने की साजिश करती रहती है। कृषि अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के बाद अब वह घरेलू अर्थव्यवस्था को भी चौपट करने में लग गई है। पंद्रह दिनों में दो बार रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 50 रुपये के वृद्धि हो जाने से महिलाएं बहुत ही व्यथित एवं चिंतित हैं। रसोई गैस सिलेंडर भरवाने के लिए अब 956 रूपये देना होगा। जो मध्यम एवं गरीब परिवार के लिये ये राशि बहुत बड़ी हो जाती है लगातार रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि होती जा रही है गांव में तो महिलाएं लकड़ी के चूल्हे से खाना बनाती ही है अब शहर में भी महिलाएं लकड़ी एवं छैना के चूल्हे जलाने को मजबूर हैं।
उन्होने ने कहा कि ’भाजपा जबसे सत्ता में आई है, मंहगाई विकराल रूप धारण करती चली जा रही है। चारों तरफ इसके प्रसार से आम आदमी की तो कमर ही टूट गई है। महंगाई के जरिए भाजपा हर क्षेत्र में अभाव की स्थिति पैदा करने में लगी है, ताकि लोग भूख, कुपोषण और बीमारी की वजह से काल कवलित होते रहे उसका फार्मूला गरीबी हटाने के लिए गरीब को ही तबाह करने का है।
पेट्रोल-डीजल की दैनिक आवश्यकता है इसके महंगे होने से दैनिक उपभोग की वस्तुएं भी स्वतः महंगी हो जाती हैं। पेट्रोल शतक पार कर गया है तो डीजल के दाम भी दिन-दूनी रात-चौगुनी की कहावत के अनुसार बढ़ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों से परिवहन सेवाएं टेम्पों, बस, रेल के भाड़े में भारी उछाल आया है एवं रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री के दामों में भी बेतहाशा वृद्धि होने से महिलाओं के घर का बजट बिगड़ गया। जब रसोई गैस सिलेंडर यूपीए सरकार में 390 रूपये मिलता था तो महंगाई को डायन बताते थे अब वही रसोई गैस सिलेंडर 956 रुपये महंगा होने पर भी खामोश भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए लगता है अब महंगाई मौसी मां हो गई है। केन्द्र सरकार की विफलता के जीता जागता सबूत है कमरतोड महंगाई। भारतीय जनता पार्टी के नेता अभी छत्तीसगढ़ में अपने पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए चिंतन शिविर का आयोजन जिस प्रकार करना पड़ रहा है आने वाले समय में पूरे देश में अपने पार्टी के अस्तित्व बचाने के लिए चिंतन शिविर आयोजन करने की आवश्यकता होगी।

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