गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिये जाने पर कोर्ट का फैसला एतिहासिक – अनुराग

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Baikunthpur @ Tahkikat News


इलाहाबाद हाईकोर्ट के द्धारा गाय का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान व गाय को भारत देश में मां के रूप में जाने जाने और देवताओं की तरह उसकी होती पूजा के कारण गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिये जाने पर कोर्ट ने कहा कि गाय के संरक्षण को हिंदुओं का मौलिक अधिकार में शामिल किया जाने के आदेष के बाद कोरिया जिले में गायो के लिए तन मन धन से विगत 10 वर्षो के कार्य कर रहे गौरक्षा वाहिनि के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे ने बताया कि भारतीय शास्त्रों, पुराणों व धर्मग्रंथ में गाय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कोर्ट ने भी कह दिया कि भारत में विभिन्न धर्मों के नेताओं और शासकों ने भी हमेशा गो संरक्षण की बात की है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 48 में भी कहा गया है कि गाय नस्ल को संरक्षित करेगा और दुधारू व भूखे जानवरों सहित गौ हत्या पर रोक लगाएगा। भारत के 29 राज्यों में से 24 में गौ हत्या पर प्रतिबंध है। उन्होने कोर्ट के फैसले का नजीर बताते हुए इस पर अपनी खुषी जाहिर करते हुए कहा है कि गौ हत्या करने वालो पर सरकार को संसद में बिल लाकर गाय को मौलिक अधिकार में शामिल करते हुए राष्ट्रीय पशु घोषित करना होगा और उन लोगों के विरुद्ध् कड़े कानून बनाने होंगे, जो गायों को नुकसान पहुंचाते हैं। कोर्ट ने कहा कि जब गाय का कल्याण तभी इस देश का कल्याण होगा।

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