ठेकेदार के मनमाने कार्य की जांच के लिए लामबंद हुए शहर वासियों ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

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Baikunthpur @ Tahkikat News

कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में विगत 8-10 महीने से लगातार जल आवर्धन योजना के नाम पर सड़कों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जहां तहां गड्ढे खोदकर उसे बिना फिलिंग किए नियम विरुद्ध लोगों को सड़कों पर मरने के लिए छोड़ दिया जा रहा है। इस दौरान विगत 3 महीनों में बरसात के दिनों में सैकड़ों वाहन चालक इन गड्ढों का शिकार हो चुके हैं वहीं पर बड़ी तादाद में पशुओं एवं अन्य जीवो को भी खोदे गए इन गड्ढों की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा तो कई को तो जान भी गंवानी पड़ गई । इसी को लेकर कोरिया कलेक्टर को शहरवासियों ने पत्र के माध्यम से कहां है कि बैकुंठपुर नगर पालिका क्षेत्र में जल आवर्धन योजना के तहत पाइप लाइन विस्तार कार्य के क्रियान्वयन नगर पालिका, ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों का संरक्षण भुगतान और निर्माण कार्य की जांच व कार्रवाई करने को ज्ञापन पत्र सौंपा गया है जिसमें बैकुंठपुर के नागरिकों का कहना है कि नई पाइप लाइन विस्तार का कार्य विगत कई महीनों से किया जा रहा है और ठेकेदार की मनमानी के कारण शहर भर में जहां-तहां सड़कों पर गड्ढे खोदकर मिट्टी फैला कर छोड़ दिया जा रहा है जिससे पानी और बरसात के दिनों में गड्ढे होने की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं वहीं इससे नवनिर्मित बनी सड़कों पर गड्ढे हो रही है सड़कें टूट रही है।

इन बिंदुओं पर जांच की हो रही मांग

1- पाइपलाइन भूमि पर खोज कर डालने के बाद पाइप में पानी डालकर हाइड्रो टेस्ट किया जाना था परंतु शहर में एक भी स्थान पर हाइड्रो टेस्ट नहीं किया गया। इस टेस्ट के द्वारा कुछ दूरी तक पाइप डालकर पानी भरकर प्रेशर जो नहीं किया गया।
2- पाईप लाईन विस्तार में रेस्टोरेशन पार्ट में भी अनियमितताएं देखी जा रही है पाइप डालने के बाद मिट्टी नहीं डाली जानी चाहिए । क्योंकि मिट्टी बाद में बैठ जाती है तो पाइप डालने के बाद रेत और मुरम डाली जानी चाहिए थी हाइड्रो टेस्ट के बाद सीमेंट कंक्रीट का कार्य किया जाना चाहिए रेस्टोरेशन पार्ट में लापरवाही बरती गई है ।
3- रेस्टोरेशन पार्ट में बीटी रोड पर जहां गड्ढा खोदकर पाइप डालने के बाद सीमेंट कंक्रीट का कार्य किया गया है जोकि गलत है क्योंकि जहां सीमेंट और डामर का जोड़ है वह गड्ढा हो जाएगा। इसका ध्यान नहीं रखा गया। जबकि सीमेंट कंक्रीट करने से पूर्व डब्ल्यूबीएम करना चाहिए था।
4- सड़क के साइड में मिट्टी छोड़ते जा रहे हैं जिससे सड़क की चौड़ाई कम होते जा रही है सडको पर अतिक्रमण बढ़ रहा है मिट्टी उठाई नहीं जा रही हैं जिस कारण नई बनी सड़कें भी खराब हो रही है या आलम पूरे शहर में देखा जा रहा है।
5- ठेकेदार द्वारा गई नदी में पुराने इंटक बेल के पास नया इंटक बेल का निर्माण किया जा रहा है नए के लिए खोदी गई गार्ड को भी वहीं छोड़ दिया गया एक तो पहले से ही गर्मी में पुराने इंटरवेल से पानी के पीने के पानी की बड़ी समस्या होती है उस समय गार्ड हटाने नगरपालिका को काफी मशक्कत करनी पड़ेगा।
6- ठेकेदार द्वारा खोदी गई सड़क के कारण कई जगह पाइपलाइन टूट चुकी है कई स्थान पर बीते 1 माह से पानी बह रहा है इसकी सूचना न तो नगरपालिका के अधिकारियों को है ना ही ठेकेदार को।
7- वर्ष 2006 में जो फिल्टर प्लांट का निर्माण कराया गया था बीते 15 वर्षों से उक्त प्लांट में कई खामियां सामने आई है। परंतु अब तक जो नया फिल्टर प्लांट बनाया जा रहा है वह 2006 में फिल्टर प्लांट की कॉपी है इसमें कुछ भी नया नहीं किया गया है। ऐसे में इसका नया संस्करण आने वाले समय में बढ़ती आबादी को देखते हुए और कुछ बड़े शहरों के फिल्टर प्लांट का अध्ययन कर बनाया जाना चाहिए।

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