धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हो रही बारिश……..

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Baikunthpur @ Tahkikat News


क्षेत्र में भादो माह के शुरुआत से लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है। बारिश से बेजान फसलों में जान आई और अब सप्ताह भर से हो रही बारिश के बाद मोटे किस्म के धान की फसलों में बालियां निकल रही है। क्षेत्र में खरीफ फसल के दौरान मोटे किस्म की धान की फसल में बाली आना शुरू हो गई है। किसानों ने बताया कि अगले 10 से 15 दिनों में सभी किस्म की धान में पूरी तरह बाली निकल जाएगी। अभी तक जितनी बारिश हुई है वह फसल के लिए पर्याप्त है। खेतों में जलभराव हो गया है जिससे धान की फसल पूरी तरह पक जाएगा।

फसल उत्पादन में होगी गिरावट


किसानों का कहना है कि बीते दिनों हुई बारिश से धान की फसलो में बालियाँ निकलना शुरू हो गई है, जिससे किसानों में हर्ष है। परंतु शुरुआत में बारिश नहीं होने के कारण फसल में खाद व दवाई का छिड़काव नहीं किये थे। जिसके कारण फसल उत्पादन में गिरावट होने का अनुमान है।

भारी बारिश और तेज हवा से नुकसान


क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में धान के पौधों में बालियां निकलने लगी हैं। वहीं, ज्यादातर पौधे गर्भ की स्थिति में हैं। इसमें भी शीघ्र ही बालियां निकल जाएंगीं। ऐसे धान के पौधों के लिए झमाझम बारिश अब नुकसानदायक हो सकती है। किसानो का कहना है कि लगातार बारिश से अब धान के पौधों में लगे फूल झड़ रहें हैं। वही पर बीती रात तेज हवाओ के कारण जिन किसानो के धान में बालिया लग गई थी वो गिरने की भ्ज्ञी खबरें आ रही है।

धान के पौधों में निकलने लगीं बालियां


कई किस्म जोकि अर्ली वैरायटी या कम दिनो की फसल कही जाती है उनमें इन दिनो धान के पौधों में बालियां निकलने लगी हैं। वहीं ज्यादातर पौधे गर्भ की स्थिति में हैं। इसमें भी शीघ्र ही बालियां निकल जाएंगीं। ऐसे धान के पौधों के लिए झमाझम बारिश अब नुकसानदायक हो सकती है। किसानों की चिंता अब बढ़ गई है। क्योंकि धान के पौधे जमीन पर गिरने से कई तरह की बीमारियां पैदा हो जाती है। माहो कीट तो धान को पूरी तरह खा जाते हैं, इससे उत्पादन प्रभावित होता है।

लेट वैराइटी में बारिश फायदेमंद

क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र में खेती-किसानी करने वाले किसान लेट वैराइटी के धान फसल लेते हैं। ऐसे किसानों के लिए भादो माह में हो रही झमाझम बारिश अमृत साबित हो रही है। सिंचाई पानी के अभाव में प्रभावित धान फसल के तेजी से बढने की उम्मीद और बीमारियां भी कम लगेंगी।

अब तक 883.4 मि.मी. वर्षा दर्ज


भू अभिलेख शाखा के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी तहसीलों में 24 घण्टे के दौरान 2.9 मि. मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 12.4 मि.मी. औसत वर्षा केल्हारी तहसील में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में जून से अब तक 883.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज़ की गई है। उन्होंने बताया कि 01 जून 2021 से 14 सितंबर 2021 तक बैकुण्ठपुर तहसील में 901.0, सोनहत तहसील में 926.3, मनेन्द्रगढ़ तहसील में 807.2, खड़गवां तहसील में 942.3, चिरमिरी तहसील में 1048.1, भरतपुर तहसील में 908.2 एवं केल्हारी तहसील में 650.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई।

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