एक बार फिर बढ सकते हैं एलपीजी के दाम…..इस महिने में 50 रुपये बढ़े…..गृहणी परेशान

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Baikunthpur @ Tahkikat News

एक बार फिर घरेलू गैंस के दाम लगातार बढते ही जा रहे हैं। गृहणिया को खाना बनाने के लिए रसोई गैंस का इस्तेमाल करना होता है। पिछले कुछ माह में गैस सिलिंडर की कीमतों में बेतहाशा वृद्घि की गई है। जिसके कारण आम लोगों के घरों का बजट बिगड़ गया है। सितम्बर माह में दो बार दाम में बढोत्तरी की गई है। जिसमें 1 सितम्बर को 25 रु तो 16 सितम्बर को फिर 25 रुपये की वृद्घि की गई है। अब यहां पर रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 974 रुपये हो गई है। यदि लोग किसी आटो रिक्शा या अन्य वाहन में लादकर गैस सिलिंडर अपने घर ले जाते हैं तो उसके करीब 50 से 100 रुपये अलग खर्च लगेगा। इससे पूर्व मार्च माह में 25 रुपये की वृद्घि की गई थी। उसके बाद अगस्त माह में फिर 25 रुपये की वृद्घि की गई थी।

इस तरह अब रसोई गैस का सिलिंडर घर पहुंचने पर एक हजार रुपये खर्च करना पडा रहा था तो 1 अक्टूबर से एक बार फिर से एलपीजी के दाम में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। यह आर्थिक बोझ अब आम लोगों के बजट के बाहर हो रहा है। दिन प्रतिदिन होती जा रही दाम वृद्घि को लेकर गृहिणियों में काफी नाराजी देखी जा रही है। लेकिन इस ओर केंद्र सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।

उज्ज्वला सिलिंडर बनें शोपीस

कोरोना लाकडाउन की अवधि में कुछ शिथिलता मिलते ही महंगाई बढ़ना शुरू हो गई है। अब गैस सिलिंडर की दर आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। गत कुछ माह में 924, 949 रुपये में मिलने वाला गैस सिलिंडर 974 रुपये पर पहुंच गया है। जिससे सामान्य गृहिणियों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। दिनों दिन बढ़ती सिलिंडर की दर से केंद्र शासन ने उज्ज्वला गैस योजना के अंतर्गत दिए गैस भी घरों में शोपीस बने हुए हैं। नियमित हो रही दर वृद्घि महिलाओं को फिर चूल्हे की तरफ ले जा रहे हैं। हल्के कामों के लिए ही महिलाएं गैस का इस्तेमाल कर रही है। खाना बनाने, पानी गर्म करने के लिए फिर से चूल्हे जल गए हैं। लाकडाउन शिथिलता की अवधि में गैस दर वृद्घि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। पेट्रोल सौ रुपये के पार होने के कारण अब जीवनावश्यक वस्तुओं की दर भी बढ़ गई है।

जनता पर जुल्म कर रही है केंद्र – संगीता

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की सरगुजा संभाग की अध्यक्ष संगीता राजवाडे का कहना है कि रसोई गैस की दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही कीमतों के जरिए एक प्रकार से केंद्र सरकार आम लोगों पर जुल्म कर रही है। यह सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। और चुनाव के समय लोगों को गुमराह करने में सदा आगे रहती है। सरकार को तुरंत महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए।

दामों पर नियंत्रण जरूरी – कंचन

चिरमिरी नगर निगम की महापौर कंचन जायसवाल ने कहा कि रसोई गैस के दाम बहुत अधिक बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों के घरों का बजट बिगड़ता जा रहा है। यह एक प्रकार से केंद्र सरकार की ज्यादती है। केंद्र सरकार का काम है कि रसोई गैस के बढ़ते हुए दामों पर तुरंत नियंत्रण करें और आम लोगों को राहत प्रदान करें।

कीमत स्थिर करे सरकार – गायत्री

चिरमिरी नगर निगम की सभापति गायत्री बिरहा का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतें दिनों दिन बढ़ रही है। एक माह में कीमत स्थिर नहीं रहती। लोगो को घरो में चूल्हा जलाना संभव नहीं होता। जिससे गैस सिलिंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं। साथ ही सब्सिडी भी बंद की गई है। गैस की कीमत स्थिर होने की जरूरत है।

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