Baikunthpur @ Tahkikat News
शहर में एक बार फिर से रविवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदला और झमाझम बारिश हुई। इससे मौसम में सर्दी का असर देखने को मिला। वहीं, धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद नुकसानदेह बताया जा रहा है। किसानों को धान का दाना काला पड़ने का डर सता रहा है। धान की अगेती फसल पक चुकी है। हालांकि, अभी करीब 90 फीसद किसानों की फसलें खेतों में खड़ी या फिर कटी पड़ी है। अधिकांश फसल पक चुकी है, जिनमें कटाई चल रही है।
रविवार शाम जिस तरह से अचानक मौसम बदला और एक घंटे तक बारिश हुई, उसने किसानों की चिता बढ़ा दी। सोमवार को फिर मौसम ने करवट बदली और पूरे दिन बाइल और बूंदाबांदी होती रही। मौसम के रुख को देख किसानों को कटाई का काम बीच में रोकना पड़ा। किसानों की मानें तो कटाई के समय बारिश होने से धान का दाना काला पड़ जाएगा, जिसका मंडी में अच्छा भाव मिलना मुश्किल है।
ध्यान रहे कि इस बार सितंबर माह में भी अत्याधिक बारिश हुई, जिससे धान की फसल का विकास बेहतर नहीं हो सका। ज्यादा पानी भरने से फसल में रोग आ गया। कई जगह फसल गलकर नष्ट भी हो गई। अब रही सही कसर रविवार को हुई बारिश ने पूरी कर दी। इसके अलावा सब्जियों के लिए भी बारिश का काफी नुकसान है। फसलें नष्ट होने से टमाटर का भाव पहले ही आसमान छू रहा है। इस बारे में कृषि विभाग का कहना है कि इस वक्त की बारिश का धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है। मौसम जल्द ही साफ नहीं हुआ और धूप नहीं खिली तो धान का दाना काला पड़ जाएगा।
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