विभिन्न मांगों को लेकर कोरिया जिले के 283 प्राइवेट स्कूल स्कूलों में लटके रहे तालें……

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Baikunthpur @ Tahkikat News

प्राइवेट स्कूलों के द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर जहां एक ओर रायपुर में प्रदेश भर के गैर शासकीय स्कूलों के संचालकों द्वारा अपने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं पर दूसरी ओर कोरिया जिले के 283 प्राइवेट स्कूलों ने इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के समर्थन में अपने स्कूलों ने एक दिवसीय तालाबंदी रखा। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ प्राईवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के द्वारा 25 अक्टूबर को रायपुर में प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया।


अपनी मांगो को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के बैनर तले के सबंध में वर्ष 2020-2021 की आर टी ई की प्रतिपूर्ति राशि अशासकीय विद्यालयों को अविलंभ प्रदान की जाए। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति राशि भी आपकी घोषणा अनुसार प्रदाय की जानी है। 16 महीनो तक स्कूल बसों का संचालन बंद रहा । अतः अप्रैल 2020 से जुलाई 2021 (16 महीने )प्रदेश की सभी स्कूल बसों का रोड टैक्स माफ किया जाए । बसों की पात्रता अवधि भी 12 वषों से 2 वर्ष आगे बढाया जाये। नवीन मान्यता, मान्यता नवीनीकरण पर स्कूल शिक्षा विभाग अड़ियल रवैया अपनाए हुए हैं ।


पूरे प्रदेश में मान्यता की प्रक्रिया 2 से 3 वर्ष विलंब से चल रही है । बार-बार स्कूलों को दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं जो कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के प्रतिकूल है। मान्यता नवीनीकरण के नियमों को दोबारा संशोधित किए जाने की आवश्यकता है। लोक शिक्षण संचालनालय का पत्र क्रमांक 154 3 अप्रैल 2021 को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत प्रवेशित विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग गणवेश एवं पुस्तके वास्तविक दर से उपलब्ध कराएं । यह प्राथमिक रूप से राज्य शासन/ स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।


कोरोना संक्रमण के दौरान प्रदेश के सभी अशासकीय विद्यालयों का स्कूल शिक्षा विभाग ने निरीक्षण किया था। अलग-अलग जिलों में कमियां बता कर अशासकीय विद्यालयों को परेशान किया जा रहा है । कोई गंभीर आर्थिक अनियमितता अगर स्कूल में ना पाई जाए तो उन स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही ना की जाए । कोरोना इस सदी की सबसे भयावह त्रासदी थी इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को इस दौरान प्रतिरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उपरोक्त सभी मांग बारंबार निवेदन के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग एवं परिवहन विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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