धान खरीदी केन्द्रो को मौसम विभाग द्वारा जारी बारिश के अनुमान के आधार पर कलेक्टर कोरिया श्याम धावड़े के द्वारा उपार्जन केंद्रों में स्टैक किये गए धान को बारिश से भीगने से सुरक्षित करने के निर्देश थे। इसके बावजूद कई खरीदी केन्द्रो पर धान भीगने की खबर के बाद कोरिया कलेक्टर ने नोडल अधिकारियो से जवाब मांगा । जिस पर नोडल अधिकारियो का कहना है कि सभी समितियों में तारपोलिन और कैप कवर से स्टैक किये धान को पूरी तरह ढंक कर सुरक्षित किया गया।
कलेक्टर ने प्राथमिकता से संज्ञान में लेते हुए सभी उपार्जन केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने और बेमौसम वर्षा से क्षति के संबंध में नोडल अधिकारी से फोटो सहित रिपोर्ट भी लिया। नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने बताया कि कोरिया जिले में 30 सेवा सहकारी समितियां हैं जिनके अंतर्गत जिले के 41 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीदी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गत दिवस और गत दिवस हुई बेमौसम वर्षा से धान को कोई नुकसान या क्षति नहीं हुई है। सभी उपार्जन केंद्रों में धान को पूरी तरह से तारपोलिन और कैप कवर से सुरक्षित ढंक कर रखा गया है।
जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2021.22 हेतु समर्थन मूल्य पर धान ख़रीदी सतत सरकारी आंकडो में जरुर जारी बताया जा रहा है किन्तु बारिष के बाद निर्मित स्थिति के बाद लगभग सभी समितियो में खरीदी न के बराबर हो रही है।
जिले के 41 उपार्जन केन्द्रों में सुचारू रूप से किसानों से धान ख़रीदी की जा रही है। जिसमें लघु एवं सीमांत किसानों को धान बेचने में प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में अब तक 15 हजार 417 किसानों से 6 लाख 30 हजार 690 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसमें अभी तक 1 लाख 87 हजार 614 क्विंटल धान का मिलर द्वारा उठाव कर लिया गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में लघु-सीमांत एवं बड़े किसानों से 80/20 के अनुपात में खरीदी की जा रही है। छोटे किसानों से एकमुश्त धान खरीदी से उन्हें सुविधा हुई है। जिले में अब तक 12 हजार 367 लघु सीमांत कृषकों का धान खरीदी की गई है और 3 हज़ार 49 बड़े किसानों से धान खरीदी किया गया है। किसानों द्वारा धान खरीदी में बारदाने में भी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। धान खरीदी की अब तक की अवधि में 2 लाख 10 हज़ार 323 बारदाने किसानों ने अपनी सहमति से प्रदान किए है।
देखना होगा कि आने वाले 3 से 4 दिनो तक यदि मौसम नही खुला तो फिर जो धान के बोरे भींग गये है उसमें अंकुरण आने से कोई भी नही रोक सकता है। हालांकि कोई भी खरीदी केन्द्र का प्रभारी अपनी कमी को बाहर नही लाना चाहेगा। कोरिया कलेक्टर के कडे रुख के बाद समितियो में धान भींगने की बात कहना मतलब जिला प्रशासन के पूर्व में दिये गये निर्देष की अवहेलना होगी । जिसके बाद कार्यवाई के डर से खरीदी केन्द्रो यह कहना नही चाहेगा।
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